संपादक की कलम से ..

हरिद्वार – प्रदेश सरकार ने आम लोगों की सुरक्षा को धयान में रखते हुए और कोविड संक्रमण की कड़ी को तोड़ने के लिए पूरे प्रदेश में कर्फ्यू लगाया हुआ है, लंबे समय से लागू कर्फ्यू का सार्थक प्रभाव भी दिखाई दे रहा है। कर्फ्यू से संक्रमण रोकने में कामयाबी मिली है। लेकिन कर्फ्यू की वजह से कई छोटी बड़ी व्यपारिक गतिविधियां काफी प्रवाभित हुई है। लाखों लोगों के काम धंधे बंद है, रोज कमाने खाने वालों के सामने तो घर चलाने का संकट खड़ा हो गया है।

उत्तराखंड कोविड के पहले लहर के नुकसान से अभी संभला भी नहीं था कि कोरोना की दूसरी लहर ने प्रदेश के सामने कई नई चुनोतियाँ उत्पन्न कर दी है। पिछले साल भी उत्तराखंड का पर्यटन और धार्मिक गतिविधियां कोविड की वजह से काफी प्रभावित हुई। हालाकिं 2020 में कुछ शर्तों के साथ प्रदेश में चार धाम यात्रा को श्रद्धालुओं के लिए चालू जरूर रखा गया। लेकिन संक्रमण की डर की वजह से श्रद्धालुओं की संख्या में काफी कमी रही, तो वहीं 2020 में कई धार्मिक आयोजनों पर रोक रही, जिसकी वजह से प्रदेश का व्यपार काफी प्रभावित हुआ। कोविड के कारण प्रदेश में आने के वाले पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं के लिए भी नियम कड़े किये गए, जिसका सीधा असर प्रदेश के टुरिज्म से जुड़े व्यपार पर हुआ, होटल व्यवसायी, ट्रांसपोर्टर, छोटे-बड़े कारोबारी सब प्रभावित हुए। कोविड के पहले लहर का कहर कम हुआ तो व्यपारियों और स्थानीय लोगों ने कुंभ 2021 से बहुत उम्मीदें लगा ली थीं। लेकिन कोविड की दूसरी लहर का कहर इतनी तेजी से फैला की खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कुंभ के बचे स्नानों को वर्चुअल तरीके से कराने का आवहान करना पड़ा।

प्रदेश सरकार की रणनीति, पुलिस-प्रशासन की सख्ती और आम लोगों के सहयोग से प्रदेश में कोरोना पर लगाम लगाने में कामयाबी मिली है लेकिन संक्रमित मरीज़ अब भी सामने आ रहे हैं। सरकार के सामने संक्रमण को पूरी तरीके से खत्म करने की चुनौती है तो वहीं प्रदेश की अर्थ व्यवस्था को भी पटरी पर लाने की ज़िमेदारी है।

सरकार प्रदेश में कोविड के बढ़ते संक्रमण को रोकने में कामयाब होती जरूर दिख रही है। लेकिन कोरोना की तीसरी लहर की आशंका चिन्ताएं बढ़ा रही हैं। प्रदेश में सख्ती के साथ कर्फ्यू का पालन कराया जा रहा है। सरकार ने 8 मई तक कर्फ्यू की अवधि बढ़ाई है। कर्फ्यू के दौरान प्रदेश में कई तरह की पाबंदियां हैं, ऐसे में बाहर से आने वाले यात्री श्रद्धालु को प्रदेश में आने के लिए कई तरह की शर्तों का पालन करना अनिवार्य है। ऐसे में अगर हालात जल्दी ठीक नहीं हुए तो चौपट पड़े व्यपार की स्थिति और दयनीय हो जाएगी, जिसका सीधा प्रभाव इससे जुड़े लोगों की आजीविका पर होगा। प्रदेश में फिलहाल चार धाम यात्रा श्रद्धालुओं के लिए स्थगित है। हालात ठीक होते ही प्रदेश के सभी व्यपारी संगठन सरकार से लगातार मांग कर रहे हैं कि उनके काम धंधों को चलाने की अनुमति सरकार दे।

कोविड भारत समेत दुनियां के कई देशों में कहर बनकर टूटा है, स्थिति कब तक और कैसे पूरी तरीके से ठीक होगी ये किसी को नहीं पता, ऐसे में उत्तराखंड के व्यपारियों को यहां की सरकार से राहत की उम्मीद है, यह राहत कैसे और किस रूप में सरकार दे पाएगी यह तो समय बताएगा, लेकिन सच्चाई यही है कि सरकार को संक्रमण रोकने के साथ ही प्रदेश की आर्थिक पहलुओं पर भी धयान देना होगा।

ऐसी विकट परिस्थितियों में हर किसी की नज़र सरकार पर टिकी है, सरकार कोविड रोकने के लिए जो भी कड़े से कड़े कदम उठा सकती है उठा रही है, असर भी हो रहा है, लेकिन वर्तमान स्थिति में प्रदेश के लोग और वयापारी भी चाहते हैं कि इस संकट की घड़ी में सरकार उन्हें भी थोड़ी राहत दे, क्योंकि उनकी भी आर्थिक स्थिति दिन प्रतिदिन खराब हो रही है।

पिछले 24 घंटे में उत्तराखंड में कोरोना अपडेट

कोरोना के 589 नए मामले सामने आए। जबकि कोरोना की वजह से 31 और लोगों की मौत हो गई। वहीं राहत की बात यह रही कि 3354 मरीज ठीक होकर हुए डिस्चार्ज भी हुए

राज्य में अभी तक कोरोना के कुल मामले 3,32,067 है, जबकि 2,97,122 ठीक भी हुए है।

वर्तमान में प्रदेश में एक्टिव केस 22,530, वही अब तक कुल मौतें 6,573 है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *