हरिद्वार – स्पर्श गँगा की सहसंस्थापक आरुषि निशंक के सहयोग से उत्तराखंड में कोविड-19 राहत अभियान युध्द स्तर पर चल रहा है। स्पर्श गंगा पिछले 2 साल से उत्तराखंड और उसके बाहर कोविड-19 के राहत प्रयासों के लिए संचालित होने वाली योजनाओं में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। स्पर्श गंगा परिवार ने आन्नेकी और औरंगाबाद गाँव की आशा कार्यकर्त्ताओ, आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को पीपीई किट, आयुष किट, ऑक्सीमीटर, डिजीटल थर्मामीटर, N 95 मॉस्क, स्टीमर, हर्बल सेनिटाइजर आदि की मेडिकल किट भेंट की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आदेश चौहान ने कहा कि बीते वर्ष कोविड काल में भी आशा कार्यकर्ताओं ने गली- गली और मोहल्लों में जाकर हर घर से कोरोना महामारी में सिम्टम्स का सर्वे कर डाटा एकत्र किया था। इससे कोविड कंट्रोल में बड़ी मदद मिली थी। जो भी व्यक्ति राज्य के बाहर से आया है या फिर इन व्यक्तियों के स्वास्थ्य से लेकर हर प्रकार की जानकारी आशा और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा जुटाई थी। किसी के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद भी कांट्रैक्ट ट्रेसिंग में भी मदद दे रही थी। इसको देखते हुए एक बार फिर कोरोना की दूसरी लहर में इनकी मदद ली जा रही है। इस आपदा के समय निष्ठा से अपना कार्य कर रही हैं और यह सभी बहने कोरोना योद्धा है। हम सब इन कोरोना योद्धाओ का सम्मान करते है।
रीता चमोली ने बताया कि स्पर्श गंगा टीम आशा कार्यकर्त्ताओं, आंगनवाड़ी बहनो इस सेवा के जज्बे को सलाम करती है। मेडिकल किट के अतिरिक्त स्पर्श गंगा टीम क्षेत्र में रोज सैकड़ो परिवारों तक लगातार, काढ़ा, राशन, मास्क, सेनिटाइजर आदि पहुँचा रही है।
रश्मि चौहान और मंजू मनु रावत ने बताया कि हम पहाड़ो में भी जरूरतमंद लोगो को संशाधन उपलब्ध करवा रहे है।
कार्यक्रम में आशु चौधरी, रश्मि चौहान, कमला जोशी, करन पंडित, रजनीश सहगल, रेणु शर्मा, मनप्रीत, मोहित, बिमला ढोडियाल, शर्मिला बगवाड़ी, रीमा गुप्ता, गुड्डी, रजनी वर्मा आदि शामिल रहे।

