हरिद्वार – आज से चैत्र नवरात्र शुरू हो गए हैं। नवरात्रों में 9 दिनों तक शक्ति की आराधना की जाती है। धर्मनगरी हरिद्वार में माता के कई मंदिर हैं, वहीं पहाड़ पर स्थित मां मनसा देवी मंदिर में नवरात्रों के दौरान श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। देश भर से श्रद्धालु मन में मुरादे लेकर मां मनसा देवी के दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं।

पंडित गणेश शर्मा, मुख्य पुजारी, मनसा देवी मंदिर बताते हैं कि पौराणिक मान्यताओं के अनुसार प्राचीन काल में महिसासुर नामक राक्षस ने देवताओं और मनुष्यों पर अत्याचार कर रहा था। जब महिसासुर के अत्याचार से सभी दुखी हो गए तब देवताओं ने मां भगवती से महिषासुर का वध करने की प्रार्थना की। देवताओं के मन से की गई प्रार्थना पर माँ भगवती ने दुर्गा अवतार लिया और महिसासुर का संहार कर अत्याचारों से मुक्ति दिलाई। माँ दुर्गा के इस स्वरुप का अवतार मन से हुआ था इसीलिए माँ के इस स्वरुप का नाम मनसा देवी पड़ा और माँ मनसा देवी तब ही से शिवालिक पर्वत पर विराजमान है।

माँ मनसा देवी मंदिर में भक्त अपने अपने तरीके से माँ को प्रसन्न करने का प्रयास करते हैं, मंदिर परिसर में मन्नत का धागा भी श्रद्धालु बांधते हैं और मनोकामना पूरी होने पर भक्तों को इस धागे को खोलने के लिए यहाँ आना पड़ता है।

धर्मनगरी हरिद्वार हिंदुओं की आस्था के प्रमुख केंद्रों में शामिल केंद्र है। यहां मां गंगा, मां मनसा देवी, मां चंडी देवी, मां माया देवी के अलावा कई पवित्र स्थान है। जहां श्रद्धालु दूर-दूर से पहुंचते हैं। नवरात्रों के मौके पर माता के मंदिरों में रोनक और भी ज्यादा बढ़ जाती है। इन दिनों चल रहे चैत्र नवरात्र में माता के मंदिरों में माता के जयकारे की गूंज हैं।