हरिद्वार – पूरे भारत में आज तीन नए भारतीय कानून लागू हो गए।
एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल के प्रखर नेतृत्व में नए कानून के तहत पहली FIR दर्ज करने वाला उत्तराखंड का पहला जिला बनने के साथ-साथ दर्ज हुई पहली लूट की एफआईआर का मात्र 08 घंटों के भीतर सफल खुलासा किया।
बीती रात लगभग 1:45 बजे विपुल भारद्वाज ने कोतवाली ज्वालापुर क्षेत्रांतर्गत रविदास घाट पर दो बदमाशों द्वारा चाकू के बल पर मोबाइल व 1400 रुपए नगदी लूटने के संबंध में कोतवाली ज्वालापुर में नए कानून बीएनएस के अंतर्गत मुकदमा अपराध संख्या 547/24 धारा 309(4) बीएनएस दर्ज कराया।
सूचना पर तत्काल नए आपराधिक क़ानून भारतीय न्याय संहिता की धारा 309(4) के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया। जिसकी विवेचना उपनिरीक्षक प्रदीप कुमार के सुपुर्द की गई।
कार्यवाही करते हुए पुलिस टीम द्वारा तत्काल निरीक्षण घटनास्थल व फॉरेंसिक टीम द्वारा साक्ष्य संकलन की कार्यवाही करते हुए घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को चैक एवं मैन्युअल पुलिसिंग के आधार पर लूट की घटना में संलिप्त दो अभियुक्त अक्षय व जानी को उपरोक्त मामले में शत प्रतिशत बरामदगी एक मोबाइल व ₹1400/- एवं घटना में प्रयुक्त चाकू के साथ रेगुलेटर पुल के पास नहर पटरी कोतवाली ज्वालापुर हरिद्वार दबोचा गया।
दोनों अभियुक्त नशे के आदी हैं व शातिर बदमाश हैं जो पूर्व में भी लूट व अन्य मामलों में जेल जा चुके हैं। मौका देखकर अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु लूट आदि की घटनाएं करते हैं जिस कारण पूर्व में भी कई बार जेल जा चुके हैं। बरामदा अवैध चाक़ू के संबंध में आर्म्स एक्ट के अंतर्गत अलग से कार्यवाही की जा रही है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई पर वादी एवं स्थानीय लोगों द्वारा हरिद्वार पुलिस के कार्यों की सराहना की गई।
नए प्रावधानों के अनुसार उक्त अभियुक्तगण के फिंगर प्रिंट केन्द्रीयकृत डाटाबेस सिस्टम National Automated Fingerprint Identification System (NAFIS) में फीड किए जा रहे हैं जिससे इनकी आपराधिक इतिहास की जानकारी की जा सके तथा भविष्य में इनके द्वारा अपराध करने पर इनकी धरपकड़ आसानी से की जा सके।

