हरिद्वार – नवरात्रि और दशहरा के मौके पर रामलीला का मंचन तो हर तरफ आम है, लेकिन हरिद्वार की जिला जेल में चल रही रामलीला बेहद खास है। क्योंकि यहां जेल के अंदर गुनाहों की सजा काट रहे कैदी ही रामलीला के सभी पात्रों को बखूबी निभा रहे हैं।

हरिद्वार के जिला कारागार का नजारा इन दिनों बेहद खास है। यहां रोजाना शाम को रामलीला का मंचन होता है। रामलीला में सीता का स्वयंवर, राम की बारात, रावण का दरबार और हनुमान का समुद्र लांघना जैसे सभी दृश्यों को बखूबी दर्शाया जा रहा है। खास बात ये है कि मंच पर अभिनय कर रहे ये लोग कोई रामलीला के कलाकार नहीं बल्कि जेल के ही कैदी हैं। कैदी बड़ी सहजता के साथ रामलीला के सभी पात्रों को निभा रहे हैं। जेल के कैदी मानते हैं की रामलीला के मंचन से उनके मन में सकारात्मक भाव आते हैं। साथ ही वह भगवान राम के जीवन चरित्र से भी प्रेरित होते हैं।

हरिद्वार जेल की रामलीला इस मायने में भी खास है कि यहां रामलीला का किरदार निभा रहे बंदी सिर्फ हिंदू ही नहीं बल्कि दूसरे धर्म के भी हैं। वहीं देखने वाले कैदियों के मन भी इससे सकारात्मक सोच उत्पन्न होती है।

जेल प्रशासन भी रामलीला और अन्य धार्मिक आयोजनो के लिए भरपूर सहयोग कर रहा है। जिला कारागार के वरिष्ठ जेल अधीक्षक मनोज आर्या का कहना है कि रामलीला में इस्तेमाल हो रहीं सभी चीजों को जेल के अंदर ही कैदी खुद तैयार करते हैं। साथ ही रामलीला से एक महीना पहले अपने-अपने पात्रों का रिहर्सल भी शुरू कर देते हैं। ऐसे आयोजनों से जेल का वातावरण सकारात्मक बन जाता है।

जेल में बंद इन कैदियों में कोई हत्या के आरोप, कोई धोखाधड़ी तो कोई दूसरे गुनाह की सजा काट रहा है। लेकिन रामलीला में अभिनय करते ये कलाकार किसी मंझे हुए कलाकार से कम नहीं लगते। हरिद्वार जेल में भाईचारे और सद्भाव का माहौल बनाए रखने के लिए अन्य उत्सवों को भी पूरे जोश के साथ मनाया जाता है।

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