हरिद्वार – 11 अक्टूबर की शाम रामलीला के दौरान जिला कारागार हरिद्वार से फरार हुए कुख्यात प्रवीण वाल्मीकी गैंग का गुर्गा एवं एक अन्य विचाराधीन बंदी प्रकरण में जिलाधिकारी हरिद्वार संग जेल परिसर का दौरा करने के बाद एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने कड़ा रुख अपनाया है। देर रात जिला पुलिस मुख्यालय में एसएसपी के नेतृत्व में जनपद के तमाम वरिष्ठ पुलिस ऑफिसर्स सम्मिलित हुए एवं कुछ ऑफिसर द्वारा ऑनलाइन प्रतिभाग किया गया।
इस दौरान कप्तान प्रमेन्द्र सिंह डोबाल द्वारा फरार कैदियों की जल्द तलाश कर उन्हें फिर से सलाखों के पीछे भेजने के लिए एएसपी सदर जितेंद्र मेहरा की लीडरशिप में एसआईटी का गठन कर 10 टीमें बनाते हुए पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी एसपी सिटी स्वतंत्र कुमार सिंह को दी तथा जल्द-से-जल्द रिजल्ट देने की उम्मीद जताई।
फरार कैदी पंकज आजीवन कारावास से दंडित सिद्ध दोष बंदी है एवं 302 आईपीसी में सश्रम आजीवन कारावास व ₹50000 का अर्थ दंड अदा न करने पर अतिरिक्त 6 माह के कारावास का सज़ायाफ्ता था।
गौरतलब है कि उक्त प्रकरण में थाना सिड़कुल में मु०अ०सं० 534/24 262 बीएनएस दर्ज है जिसमें फरार कैदियों पंकज एवं रामकुमार उपरोक्त की तलाश में पुलिस टीमें पहले से ही जुटी हुई हैं। विचाराधीन बंदी रामकुमार की तलाश में टीमें निकल चुकी हैं।
बैठक में एसपी सिटी स्वतंत्र कुमार सिंह, एसपी क्राइम पंकज गैरोला, एएसपी सदर जितेंद्र मेहरा, सीओ रुड़की नरेंद्र पंत, प्रभारी सीआईयू हरिद्वार, थानाध्यक्ष गंगनहर, सिडकुल एवं अन्य पुलिस अधिकारीगण मौजूद रहे। जबकि एसपी देहात स्वप्न किशोर सिंह, सीओ मंगलौर विवेक कुमार, कोतवाली प्रभारी रुड़की, मंगलौर आदि पुलिस ऑफिसर द्वारा ऑनलाइन मीटिंग में प्रतिभाग किया गया।

