लखनऊ – उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आज यहां उनके सरकारी आवास पर इज़राइल के राजदूत रूवेन अज़ार ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर इजराइल और भारत, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के मध्य सम्बन्धों को और प्रगाढ़ करने के सम्बन्ध में विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में इज़राइल में उत्तर प्रदेश के स्किल्ड मैनपावर की उपलब्धता बढ़ाने के सम्बन्ध में चर्चा की गयी। इज़राइल में उत्तर प्रदेश से 5,000 से अधिक लोग स्किल्ड मैनपावर के रूप में गये हैं। इनका प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा है। इज़राइल की सरकार अन्य लोगों को भी वहां कार्य के लिए लेने की इच्छुक है। बैठक में ड्रिप इरिगेशन तथा पेयजल के क्षेत्रों में सहयोग पर भी विचार विमर्श किया गया। ज्ञातव्य है कि उत्तर प्रदेश में 02 स्थानों पर ग्राउण्ड वॉटर तथा पीने के पानी के क्षेत्र में इज़राइल से सहयोग लिया जा रहा है। बुन्देलखण्ड क्षेत्र में ग्राउण्ड वॉटर का प्रयोग कर ड्रिप इरिगेशन के माध्यम से खेती की उपज को बढ़ाने जाने के सम्बन्ध में एक डी0पी0आर0 प्रस्तुत की गयी है। शासन स्तर पर इस पर शीघ्र ही निर्णय लिया जाएगा। इसके अतिरिक्त आगरा में पेयजल उपलब्ध कराने के लिए इज़राइली टेक्नोलॉजी एवं कम्पनियों के साथ मिलकर कार्य किया जा रहा है।

वर्तमान में इज़राइल के सहयोग से जनपद बस्ती तथा कन्नौज में 02 सेण्टर ऑफ एक्सीलेन्स कार्यरत हैं। इनमें जनपद बस्ती का सेण्टर ऑफ एक्सीलेन्स फलों से तथा जनपद कन्नौज का सब्जियों से सम्बन्धित है। बैठक में इन सेण्टर ऑफ एक्सीलेन्स को और प्रभावी बनाये जाने पर भी चर्चा की गयी। इन दोनों सेण्टर ऑफ एक्सीलेन्स को कृषि विज्ञान केन्द्रों से जोड़कर किसानों के बीच इनकी पहुंच बढ़ाने जाने पर बल दिया गया। इनके अतिरिक्त इज़राइल के सहयोग से जनपद कौशाम्बी में सेण्टर ऑफ एक्सीलेन्स फॉर फ्रूट्स तथा जनपद चन्दौली में सेण्टर ऑफ एक्सीलेन्स फॉर वेजिटेबल स्थापित किये जा रहे हैं।

बैठक में पुलिस मॉडर्नाइजेशन तथा एण्टी ड्रोन तकनीक के क्षेत्र में इज़राइली विशेषज्ञता का प्रयोग किये जाने पर भी चर्चा की गयी। महाकुम्भ प्रयागराज 2025 में इज़राइल की टेक्नोलॉजी का प्रयोग कर इसे और सुरक्षित बनाने के सम्बन्ध में भी विचार विमर्श किया गया। इज़राइल के राजदूत ने कहा कि उत्तर प्रदेश में विगत 07 वर्षां में इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में बहुत कार्य हुए हैं। यहां नई सड़कें, मेट्रो, आर0आर0टी0एस0 के संचालन तथा नये एयरपोर्ट्स के निर्माण में बहुत प्रगति हुई है। उन्हांने अनुरोध किया कि यहां की कम्पनियां इज़राइल में आकर कार्य करें और वहां के इन्फ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने में अपना सहयोग प्रदान करें।

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