हरिद्वार 22 जनवरी – केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि आचार्यश्री पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी ने सम्पूर्ण मानवता को व्यक्ति निर्माण का मार्ग दिखाया, जो सर्वजन कल्याण के लिए है। उन्होंने कहा कि आज राष्ट्र के जागरण का समय आ गया है। केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज, हरिद्वार द्वारा आयोजित शताब्दी समारोह में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की पावन भूमि पर विशेषकर सप्तर्षि भूमि शांतिकुंज में आकर हजारों वर्षों की तपस्या की ऊर्जा का अनुभव होता है। उन्होंने कहा कि भारतवर्ष पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी के उपकारों से कभी ऋणमुक्त नहीं हो सकता। आचार्यश्री ने गायत्री महामंत्र को जन-जन तक सर्वसुलभ बनाया, वैश्विक मानवतावाद की अवधारणा को सुदृढ़ किया और वैज्ञानिक अध्यात्मवाद को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत किया।
अमित शाह ने कहा कि “हम बदलेंगे, युग बदलेगा” का सूत्र ही राष्ट्र परिवर्तन की कुंजी है। गायत्री महामंत्र केवल संस्कृत का मंत्र नहीं, बल्कि जप करने वाले साधक के भीतर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने वाला जीवन मंत्र है। उन्होंने कहा कि जो भारत और उसकी संस्कृति को समझता है, वह जानता है कि विश्व की समस्त समस्याओं का समाधान भारतीय संस्कृति में निहित है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि गुरुदेव पं0 श्रीराम शर्मा आचार्य जी द्वारा रोपित अखिल विश्व गायत्री परिवार रूपी बीज आज एक विशाल वटवृक्ष का स्वरूप धारण कर चुका है, जो विश्वभर के असंख्य लोगों को ज्ञान, संस्कार और सद्भाव की छाया प्रदान कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज गायत्री परिवार केवल एक धार्मिक संस्था नहीं रहा, बल्कि यह सामाजिक, नैतिक एवं आध्यात्मिक नवजागरण का एक व्यापक जनआंदोलन बन चुका है, जो भारत की आध्यात्मिक चेतना को देश की सीमाओं से बाहर ले जाकर विश्व के कोने-कोने तक पहुँचा रहा है।
शताब्दी समारोह के दलनायक डॉ चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि यह आयोजन सभी के लिए हम सभी के सौभाग्य का दिन है, जो पूज्य माताजी के अवतरण के शताब्दी वर्ष से जुड़ा हुआ एक ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक अवसर है। डॉ. पण्ड्या ने कहा कि यह भूमि योगियों और साधकों की रही है, जहाँ से स्वाभिमान, साधना और तप की परंपरा ने राष्ट्र को दिशा दी है। उन्होंने पूज्य गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी के संदेशों का स्मरण करते हुए कहा कि जीवन में आने वाली बाधाओं से घबराना नहीं चाहिए, बल्कि उन्हें परिवर्तन और प्रगति का माध्यम बनाना ही साधक का कर्तव्य है। स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत करुणा, दया और ज्ञान की भूमि है तथा भारत के जागरण में ही सम्पूर्ण विश्व का जागरण निहित है। डॉ. पण्ड्या जी ने राष्ट्र-निर्माण के इस यज्ञ में सभी से सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया। इससेे पूर्व राष्ट्र जागरण के समय आ गया है विषय पर आयोजित सभा में गायत्री परिवार के संस्थापक युगऋषि पं श्रीराम शर्मा के जीवनवृत्त पर आधारित डॉक्यूमेंट्री दिखाई गयी।
समापन से पूर्व गृहमंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री धामी सहित अतिथियों को रुद्राक्ष की माला, गंगाजली आदि भेंटकर सम्मानित किया। इस अवसर पर गृहमंत्री अमित शाह, राज्यपाल (हिमाचल प्रदेश) शिव प्रताप शुक्ल, मुख्यमंत्री धामी, शताब्दी समारोह के दलनायक डॉ चिन्मय पण्ड्या व अतिथियों ने सतयुग का सूर्याेदय एवं मातृवाणी, अनुकंपा एवं वात्सल्य (माताजी की अमृतवाणी) आदि पुस्तक का विमोचन किया। इस दौरान उच्च शिक्षा मंत्री डॉ धनसिंह रावत, उप्र के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत, विधायक मदन कौशिक, जिला प्रशासन के अनेक अधिकारी, पत्रकार भारत सहित 80 से अधिक देशों से आये हजारों स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

