गोपाल रावत
हरिद्वार, 26 मई – श्री पंच दश नाम जूना अखाड़े के वरिष्ठ पदाधिकारी उज्जैन तथा नासिक में होने वाले कुंभ पर्व तैयारी के लिए लगातार मेला प्रशासन तथा सरकार से बैठकर कर रहे हैं। वही कुंभ मेला अवधि में पड़ने वाले प्रमुख स्नान पर्वों पर कार्यक्रम भी आयोजित कर रहे हैं। इसी संदर्भ में श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा तथा श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति उज्जैन द्वारा मंगलवार को गंगा दशहरा के पावन पर्व पर भव्य शिप्रा पूजन किया गया।

आयोजन उर्घ्वाम्नाय श्रीकाशीसुमेरू पीठाधीश्वर जगतगुरू शंकराचार्य अनन्त श्रीविभूषित स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती महाराज की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। पूजन जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक एवं अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरि महाराज के पावन सानिध्य में हुआ। मनसा देवी ट्रस्ट के अध्यक्ष तथा अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ रविंद्र पुरी महाराज व जूना अखाड़ा के अंतर्राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज के मार्गदर्शन में भगवान हरिहर, श्री चिंतामन गणेश मंदिर, दातार अखाड़ा में भगवान दत्तात्रेय व सभी गुरु मूर्तियों की समाधियों का पूजन किया गया। सभी संतों ने हवन में आहुति देकर विश्व शांति व कल्याण की कामना की।

जूना अखाड़ा के वरिष्ठ अध्यक्ष श्रीमहंत प्रेम गिरि महाराज, वरिष्ठ अध्यक्ष श्रीमहंत उमाशंकर भारती महाराज, श्रीमहंत केदारपुर महाराज, उपाध्यक्ष श्रीमहंत महेश पुरी महाराज समेत सभी संतों ने आहुति दी। हवन की पूर्णाहुति आज रात्रि होगी। सोमवार को दाता अखाड़ा में रात्रि 1 बजे तक हवन चला, जिसमें ब्रह्मलीन महायोगी पायलट बाबा की शिष्या महामंडलेश्वर कैला गिरि महाराज योग माता केको आईकावा के सैकड़ों जापानी शिष्यों ने भी आहुति दी।

जगतगुरू शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि गंगा दशहरा हमें जल संरक्षण का संदेश देता है। “जल ही जीवन है, जिस दिन हम इसे जीवन में धारण कर लेंगे, उसी दिन कष्टों का अंत हो जाएगा।” उन्होंने गंगा दशहरा पर जल व पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।
श्रीमहंत हरि गिरि महाराज ने कहा कि अधिकमास नारायण भगवान को प्रिय है। “जो सत्य है, वही नारायण है।” उन्होंने बताया कि शिप्रा का मिलन यमुना में होता है और प्रयागराज में गंगा-यमुना का संगम होता है। “सभी नदियां एक ही हैं और बहनें हैं।” उन्होंने भी जल संरक्षण को हमारा अस्तित्व बताया।

श्रीमहंत डॉ रविंद्र पुरी महाराज निरंजनी अखाड़ा ने कहा कि श्रीमहंत हरि गिरि महाराज के आह्वान पर ही सभी संत एकत्रित हुए हैं। उज्जैन में सिंहस्थ कुंभ का आयोजन होना है, जिसे दिव्य व भव्य बनाने का प्रयास है। उन्होंने शिप्रा को स्वच्छ करने के अभियान और CM डॉ मोहन यादव के प्रयासों को सराहनीय बताया।

श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने बताया कि श्रीमहंत हरि गिरि महाराज के सानिध्य में उज्जैन सिंहस्थ व नासिक कुंभ विश्व में भव्यता का नया इतिहास रचेंगे। 28 मई को सभी संत नासिक पहुंचेंगे, जहां कुंभ तैयारियों का निरीक्षण होगा और मां गोदावरी व पवित्र रामघाट का पूजन किया जाएगा।

कार्यक्रम में श्री महंत महेश पुरी, श्री महंत केदार पुरी, महामंडलेश्वर साध्वी चेतना गिरि, साध्वी श्रद्धां गिरि, श्रीमहंत आनंदपुरी, श्रीमहंत रामेश्वरानंद गिरि, किन्नर अखाड़ा के महामंडलेश्वर पवित्रानंद गिरि, दत्त अखाड़ा के पीठाधीश्वर श्रीमहंत सुंदर पुरी महाराज समेत दर्जनों संत-महंत उपस्थित रहे। दातार अखाड़े के व्यवस्थापक संदीप बागड़ी की व्यवस्थाओं की सभी ने सराहना की।

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