हरिद्वार 28 अगस्त – गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में शुक्रवार को श्रावणी पर्व एवं रक्षाबंधन का आयोजन श्रद्धा, आत्मीयता और आध्यात्मिक उल्लास के बीच हुआ। इस दौरान पूरे परिसर में वैदिक मंत्रों एवं प्रज्ञागीत की गूंज थी तो परिजनों के मन में गुरुसत्ता के प्रति श्रद्धा और राष्ट्र के प्रति समर्पण का भाव। ऋषियों की सनातन परंपरा से जुड़े इस पर्व ने रिश्तों में स्नेह के साथ जीवन में संस्कार और कर्तव्यबोध का संदेश दिया।
प्रातःकाल सैकड़ों गायत्री परिजनों ने राष्ट्र रक्षा और धर्म रक्षा के लिए हेमाद्रि संकल्प लिया। श्रावणी उपाकर्म के अंतर्गत वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आंतरिक एवं बाह्य शुद्धि का पावन अनुष्ठान हुआ। सभी ने अपने जीवन को श्रेष्ठ विचारों और सद्कर्मों से जोड़ने का संकल्प दोहराया।
शांतिकुंज, ब्रह्मवर्चस, देव संस्कृति विश्वविद्यालय तथा देश-विदेश से आए कार्यकर्ताओं, भाई-बहनों, छात्र-छात्राओं और बच्चों ने अखंड दीप के दर्शन किए। परम पूज्य गुरुदेव पं. श्रीराम शर्मा आचार्य एवं परम वंदनीया माताजी भगवती देवी शर्मा की चरण पादुकाओं पर श्रद्धा अर्पित कर उनका आशीष प्राप्त किया।
इस दौरान अनेक परिजन भावविभोर दिखाई दिए।
रक्षाबंधन के अवसर पर अखिल विश्व गायत्री परिवार की प्रमुख स्नेहसलिला जीजी एवं डा. साहब से सभी ने रक्षा सूत्र और प्रसाद प्राप्त किया। रक्षा सूत्र की यह डोर केवल भाई-बहन के रिश्ते तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें परिवार, समाज, संस्कृति और राष्ट्र की रक्षा का संकल्प भी जुड़ा रहा।

