हरिद्वार, 24 सितंबर – मेलाधिकारी सोनिका ने गुरुवार को कुंभ मेला-2027 की तैयारियों के तहत चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी स्वीकृत कार्यों को तेजी से पूरा करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरा होने के साथ उसकी गुणवत्ता भी सुनिश्चित की जाए। कार्यों में अनावश्यक विलंब अथवा गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में मेलाधिकारी ने सड़कों, पुलों एवं घाटों के अनुरक्षण तथा निर्माण कार्यों के साथ ही अन्य अवस्थापना विकास कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि विभिन्न विभागों के कार्यों में आपसी समन्वय बनाए रखते हुए सभी कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि कुंभ मेला क्षेत्र में चल रहे अवस्थापना विकास कार्यों का उद्देश्य श्रद्धालुओं एवं आमजन के लिए सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना है, इसलिए प्रत्येक कार्य की प्रगति के साथ उसकी गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।
मेलाधिकारी ने पेयजल एवं सीवर लाइन तथा भूमिगत केबलिंग के कार्यों के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल समुचित मरम्मत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मरम्मत इस प्रकार की जाए कि बाद में सड़क धंसने की स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता के संबंध में लिखित प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि कुंभ मेला क्षेत्र में सड़कों के नवीनीकरण का कार्य शुरू होने से पहले ऐसे सभी कार्य अविलंब पूरे कर लिए जाएं, ताकि बाद में सड़कों को दोबारा खोदने की आवश्यकता न पड़े और इन कार्यों के कारण कुंभ मेला से संबंधित निर्माण कार्यों की प्रगति एवं गुणवत्ता प्रभावित न हो।
मेलाधिकारी ने हरिद्वार में कुंभ मेला संपन्न होने तक सीवरेज योजना से जुड़े कोई नए कार्य प्रारंभ न किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा एवं वर्षाकाल को देखते हुए सीवरेज योजना के जिन कार्यों को रोका गया था, उन्हें अविलंब पूरा किया जाए तथा इनसे प्रभावित सड़कों को भी तत्काल पूरी गुणवत्ता के साथ दुरुस्त किया जाए। उन्होंने अग्निशमन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए फायर हाइड्रेंट की स्थापना एवं मरम्मत से जुड़े कार्य भी शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।
सप्तऋषि क्षेत्र में सड़क सुधार, सीवर लाइन से संबंधित समस्याओं तथा सड़कों पर जमा होने वाले पानी की निकासी की व्यवस्था को लेकर भी मेलाधिकारी ने संबंधित विभागों को तत्काल प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़कों के अनुरक्षण एवं निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए सभी प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा, सुविधा एवं दिशा-निर्देशन की दृष्टि से आवश्यक रोड फर्नीचर की स्थापना सुनिश्चित करने को कहा।
मेलाधिकारी ने रूड़की एवं मंगलौर बस अड्डों के सुदृढ़ीकरण के कार्यों में तेजी लाने के साथ ही अस्थायी बस अड्डों एवं पार्किंग से संबंधित व्यवस्थाओं को आगामी 15 दिसंबर तक पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने मेला शिविरों के लिए निर्धारित भूमि की ड्रेसिंग एवं लेवलिंग की कार्ययोजना पर भी संबंधित अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया तथा इससे जुड़े कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।
मेलाधिकारी ने स्वच्छता एवं सैनिटेशन से संबंधित व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने नगर निगम के लिए स्वीकृत उपकरणों एवं वाहनों की आपूर्ति होने के बाद उनकी गुणवत्ता की जांच विशेषज्ञ विभागों से कराने के निर्देश दिए, ताकि मेला क्षेत्र में उपयोग होने वाले सभी उपकरण एवं वाहन निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हों।
बैठक में नगर आयुक्त नंदन कुमार, अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, मेला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनीष दत्त, उप मेलाधिकारी मनजीत सिंह, मेला प्रशासन की टेक्निकल सेल के अधीक्षण अभियंता श्री मनोज कुमार भट्ट, परियोजना प्रबंधक पेयजल निगम (गंगा) मीनाक्षी मित्तल, अधिशासी अभियंता जल संस्थान विपिन गुप्ता, अधिशासी अभियंता सिंचाई अनुभव नौटियाल, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग योगेश कुमार, अधिशासी अभियंता पीआईयू प्रवीण कुश, अधिशासी अभियंता ग्रामीण निर्माण विभाग विनोद कुमार जोशी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।
