हरिद्वार, 27 अक्टूबर – जनपद हरिद्वार में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में मत्स्य विभाग द्वारा संचालित योजनाओं एवं विभागीय कार्यों की प्रगति की समीक्षा के लिए बैठक आयोजित की गई। बैठक में सहायक निदेशक मत्स्य सहित समस्त ब्लॉक प्रभारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान सहायक निदेशक मत्स्य ने पीपीटी प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विभाग की तीनों प्रमुख योजनाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए उनकी वर्तमान प्रगति तथा अब तक किए गए व्यय से मुख्य विकास अधिकारी को अवगत कराया। इसके साथ ही जनपद में इस वर्ष विकसित किए जा रहे तीन ऑर्नामेंटल फिशरीज क्लस्टरों की प्रगति की जानकारी भी प्रस्तुत की गई। इनमें एक क्लस्टर बहादराबाद तथा दो क्लस्टर रुड़की क्षेत्र में स्थापित किए जा रहे हैं।
मुख्य विकास अधिकारी ने विभागीय योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, जिससे अधिकाधिक पात्र एवं इच्छुक लोग इन योजनाओं का लाभ उठा सकें। उन्होंने योजनाओं के अंतर्गत व्यय की प्रगति बढ़ाने तथा निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने पर भी विशेष जोर दिया।
मुख्य विकास अधिकारी ने ऑर्नामेंटल फिशरीज यानी सजावटी मछलियों के पालन को स्वरोजगार के एक बेहतर अवसर के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में लोगों को प्रोत्साहित कर अधिकाधिक युवाओं एवं अन्य इच्छुक व्यक्तियों को स्वरोजगार से जोड़ा जाए, ताकि उनकी आय के अवसर बढ़ सकें। उन्होंने मत्स्य पालन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहे मत्स्य पालकों की सफलता की कहानियों को समाचार पत्रों एवं अन्य प्रचार माध्यमों के जरिए जनसामान्य तक पहुंचाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि सफल मत्स्य पालकों के अनुभवों और उपलब्धियों का व्यापक प्रचार-प्रसार होने से अन्य लोग भी प्रेरित होंगे तथा मत्स्य पालन को आजीविका के एक बेहतर साधन के रूप में अपनाने के लिए आगे आएंगे।
मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि विभागीय योजनाओं का लाभ अधिकाधिक लोगों तक पहुंचाने, स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने तथा मत्स्य पालन गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना के साथ कार्य करना सुनिश्चित करें।
