हरिद्वार, 4 नवंबर – अलकनंदा होटल को पीपीपी मोड पर दिए जाने के विरोध में बुधवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हरिद्वार में धरना प्रदर्शन किया। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सरकार के फैसले के खिलाफ आवाज उठाई। प्रदर्शन में कांग्रेस विधायक अनुपमा रावत, रवि बहादुर सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए। आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार सरकारी संपत्तियों को निजी हाथों में सौंपने की दिशा में कदम उठा रही है। पार्टी ने इसे प्रदेश के संसाधनों और जनता के अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताते उग्र विरोध करने की चेतावनी दी।
पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत ने आरोप लगाया कि सरकार, कई बहुमूल्य सरकारी संपत्तियों को लीज के नाम पर कौड़ियों के भाव बेचने का काम कर रही है। इससे भाजपा के कोष में तो वृद्धि हो जाएगी लेकिन उत्तराखंड राज्य कंगाल हो जाएगा। इसलिए कांग्रेस ने प्रदेशव्यापी प्रदर्शन किया है। भाजपा सरकार ने पहले ही यूपी सरकार को होटल अलकनंदा के बराबर में दूसरा होटल बनाने के लिए जमीन देकर महापाप किया है और जबकि स्वाभाविक रूप से अलकनंदा होटल उत्तराखंड को मिलना चाहिए था। अब सरकार, अलकनंदा होटल को कौड़ियों के भाव में दे रही है, इनका बस चले तो ये अन्य सार्वजनिक संपत्तियों को भी बेच दे। लेकिन कांग्रेस ऐसा होने नहीं देगी। जहां-जहां भी उत्तराखंड में भाजपा सरकार ने सरकारी जमीनों को बेचने का काम किया है वहां वहां धरने प्रदर्शन करके विरोध जताया जा रहा है। अलकनंदा होटल का निजीकरण नहीं होने दिया जाएगा और कांग्रेस द्वारा इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा।
