हरिद्वार – कुम्भ मेले में धर्म ध्वजा का विशेष महत्व है। अखाड़ो में धर्म ध्वजा की स्थापना होने के साथ कुम्भ मेले का आगाज हो जाता है। कुम्भ मेला प्रशासन ने सभी 13 अखाड़ों में लगने वाली धर्म ध्वजा की लकड़ी उन्हें प्रदान की। गुरुवार को मेला प्रशासन ने छिद्दरवाला के जंगल से लायी गयी धर्म ध्वजा की लकड़ी को अखाड़ों को सौंपा। छिद्दरवाला से मेला प्रशासन और पुलिस बल के साथ ये लकड़ी हरिद्वार लायी गयी। मेलाधिकारी दीपक रावत ने बैरागी कैम्प में सबसे पहले बैरागी अखाड़ों के संतों को ये लकड़ी सौंपी।
धर्म ध्वजा की लकड़ी मिलने के बाद बैरागी संत काफी उत्साहित दिखाई दिए। इस दौरान दिगंबर अखाड़े के सचिव प्रतिनिधि बाबा हठयोगी ने कहा कि मेला अधिकारी स्वयं धर्म ध्वजा की लकड़ी लेकर उनके पास आए हैं, इससे साफ जाहिर हो जाता है कि धर्म नगरी द्वार में कुंभ मेले का सुरक्षा के साथ दिव्य और भव्य आयोजन होगा। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि कुम्भ के इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है कि मेला प्रशासन खुद चलकर अखाड़ो तक पहुँचकर सभी तैयारियों पर नजर बनाए हुए है।
वही ध्वजा की लकड़ी को छिद्दरवाला से हरिद्वार लाने में प्रशासन को काफी मशक्कत का सामना करना पड़ा। कुम्भ मेला अधिकारी दीपक रावत ने बताया कि धर्मध्वजा की लकड़ी को हरिद्वार लाना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती थी। सबसे पहले लकड़ी के चयन के लिए वन विभाग की सभी औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ती है। इसके बाद इसका ट्रांसपोर्टेशन किसी चुनौती से कम नहीं है लेकिन पुलिस टीम के साथ सकुशल यह लकड़ी हरिद्वार लाई गई।

