देहरादून – उत्तराखंड विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है वैसे ही राजनीतिक पार्टियों ने भी अपनी तैयारी तेज कर दी है। दिल्ली में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने के बाद आम आदमी पार्टी की नजर उत्तराखंड विधानसभा चुनाव पर भी है। आम आदमी पार्टी उत्तराखंड की सभी 70 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। इसके लिए आम आदमी पार्टी दिल्ली मॉडल को मुद्दा बनाकर जनता के बीच है। 01 फरवरी को उत्तराखंड की जनता का समर्थन जुटाने के लिए केजरीवाल अभियान चलाया गया था इस अभियान के तहत 45 दिनों में एक लाख लोगों को जोड़ने का टारगेट रखा था मगर आम आदमी पार्टी ने महज 21 दिनों में ही स्टारगेट को पूरा कर लिया। मिस कॉल के जरिए आम आदमी पार्टी के केजरीवाल अभियान से उत्तराखंड के एक लाख लोग जुड़ गए हैं। आम आदमी पार्टी के नेता रविंद्र जुगरान ने प्रेस वार्ता कर बताया कि उत्तराखंड की जनता बीजेपी और कांग्रेस दोनो पार्टियों को छोड़ आम आदमी पार्टी को तीसरे विकल्प के रूप में देख रही है। यही कारण है कि आम आदमी पार्टी द्वारा चलाए गए इस अभियान को महज 21 दिन में पूरा कर लिया गया है। गौरतलब है कि सीएम केजरीवाल ने दिल्ली के डिप्टी सीएम को उत्तराखंड विधानसभा चुनाव की कमान सौंपी है। डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया लगातार कार्यक्रम आयोजित कर वर्तमान बीजेपी सरकार को घेरने का प्रयास कर रहे हैं। मनीष सिसोदिया ने विकास को मुद्दा बनाकर उत्तराखंड के शहरी विकास मंत्री को भी बहस का निमंत्रण दिया था। आम आदमी पार्टी उत्तराखंड में मूलभूत सुविधाओं जैसे बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि को मुद्दा बनाकर उत्तराखंड की जनता के बीच जा रही है और 2022 में अधिक से अधिक सीटें जीतने का प्लान बना रही है। आप नेताओ द्वारा उत्तराखंड में दिल्ली की तर्ज पर बिजली पानी फ्री करने की घोषणा भी की जा चुकी है।

