हरिद्वार – धर्मनगरी हरिद्वार कुंभ के रंग में रंग चुकी है। निरंजनी अखाड़े के रमता पंचों के नगर प्रवेश के बाद हर की पौड़ी की देख रेख करने वाली संस्था श्री गंगा सभा ने भी अपनी धर्म ध्वजा की स्थापना कर ली है। हर की पौड़ी स्थित ब्रह्मकुंड पर माँ गँगा की धर्मध्वजा लगाई गई गयी। धर्मध्वजा स्थापना करने के लिए वैसे तो श्री गँगा सभा के पदाधिकारियों ने भव्य कार्यक्रम की रूपरेखा बनाई थी लेकिन कारणवश उन्हें कार्यक्रम को सीमित करना पड़ा।
इस दौरान श्री गँगा सभा के महामंत्री तन्मय वशिष्ठ ने कहा कि माँ गँगा सनातन धर्म की आस्था का प्रतीक है। माँ गँगा से हम सभी की आस्था ही नही आत्मा भी जुड़ी हुई है, इसलिए हर की पौड़ी पर स्थित ब्रह्मकुंड पर उनकी धर्मध्वजा की स्थापना होना सभी के लिये ऐतिहासिक क्षण है।
वही श्री गँगा सभा के अध्यक्ष प्रदीप झा ने बताया कि श्री गँगा सभा ने 11 जनवरी मकर संक्रांति वाले दिन से ही कुम्भ मेले की शुरुआत कर दी थी। हर की पौड़ी एक ऐसा पवित्र स्थान है जहाँ गँगाभक्तो के साथ ही तमाम अखाड़े और साधु संत गँगा स्नान करते है। लेकिन इस स्थान पर माँ गँगा की धर्मध्वजा न होने से वो अपने आप को अधूरा महसूस करते आये है। आज विधिवत रूप से माँ गँगा की धर्मध्वजा की स्थापना होने के बाद वो गौरान्वित महसूस कर रहे है।
गौरतलब है धर्मध्वजा की स्थापना से पहले श्री गँगा सभा से जुड़े तीर्थ पुरोहितों ने हरिद्वार के विभिन्न क्षेत्रों में नगर भ्रमण कर भव्य शोभायात्रा निकाली। इस दौरान शहरवासियों ने उनका जोरदार स्वागत भी किया। वही गुरुवार को धर्मध्वजा की स्थापना से पहले हरिद्वार के कुशा घाट से शोभायात्रा चलकर हर की पौड़ी पहुंची जिसमे बड़ी संख्या में तीर्थ पुरोहित शामिल हुए। ब्रह्मकुंड पर गंगा पूजन किया गया और धर्म ध्वजा की स्थापना की गई।

