हरिद्वार – 11 मार्च को कुम्भ मेले का शाही स्नान है। स्नान पर्व को लेकर मेला प्रशासन, जिला प्रशासन और मेले की ड्यूटी में तैनात सभी पुलिसकर्मी और पैरामिलिट्री फ़ोर्स शामिल है। 11 मार्च को सन्यासियों के सभी 7 अखाड़ों के साधु संत हर की पौड़ी पर गँगा स्नान करेंगे। स्नान से दो दिन पूर्व कुम्भ मेले की ड्यूटी में तैनात सभी पुलिसकर्मियों को ब्रीफ किया गया। इस दौरान मेलाधिकारी दीपक रावत, आईजी कुम्भ संजय गुंज्याल और हरिद्वार जिलाधिकारी सी रविशंकर ने सभी पुलिसकर्मियों को ब्रीफ किया। 10 मार्च की रात से लेकर सुबह 8 बजे तक ही आम श्रद्धालुओं को हर की पौड़ी और मालवीय द्वीप वाले घाट पर गँगा स्नान कर सकते है। सुबह 8 बजे के बाद साधु संतों के स्नान के लिये सभी घाटो को खाली करा लिया जाएगा। स्नान वाले जिन लोगों गढ़वाल ऋषिकेश जाना हौ वो चंडीघाट रोड़ से जा सकते है बाकी हर की पौड़ी के सामने वाला हाईवे को बंद रखा जायेगा।
इस दौरान आईजी संजय गुंज्याल ने पुलिस फोर्स को ब्रीफ करते हुए कहा कि शाही स्नान बहुत बड़ी चुनौती है। कुम्भ मेले का ये स्नान कोरोना काल मे विश्व का सबसे बड़ा आयोजन होगा। इस स्नान में सन्यासियों के सात अखाड़े गँगा स्नान करेंगे और खास बात ये है कि इस स्नान में शहर के बीच मे से साधु संत अपने अखाड़ों से निकलकर हर की पौड़ी जायेंगे बाकी के स्नान पर्व पर साधु संत हाईवे से जाएंगे। आपके लिए फक्र का विषय है कि पूरी दुनिया के लोगो के लिए आपको व्यवस्था करने का मौका मिल रहा है। किसी अनजान व्यक्ति या फिर संदिग्ध वस्तु को लेकर किसी भी तरह का आलस न दिखाएं। भीड़ को बिल्कुल भी एक स्थान पर रुकने न दे। क्योंकि भीड़ एक नदी के पानी की तरह होती है।
10, 11 और 12 मार्च तक जारी रहेगी एसओपी –
मेला अधिकारी दीपक रावत ने बताया कि सरकार द्वारा जारी नई एसओपी 10, 11 और 12 मार्च 3 दिन जारी रहेगी इस दौरान हरिद्वार आने वाले हर श्रद्धालु को आरटी पीसीआर की रिपोर्ट लानी होगी जो 72 घंटे पहले की बनी हो। मेला प्रशासन की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन होना अनिवार्य होगा।
सुबह 8 बजे से शाम 7 बजे तक आमजन नही कर सकेंगे गँगा स्नान_
आईजी कुम्भ संजय गुंज्याल ने बताया कि 10 मार्च की रात से लेकर सुबह 8 बजे तक ही आम श्रद्धालुओं को हर की पौड़ी और मालवीय द्वीप वाले घाट पर गँगा स्नान कर सकते है। सुबह 8 बजे के बाद साधु संतों के स्नान के लिये सभी घाटो को खाली करा लिया जाएगा। स्नान वाले जिन लोगों गढ़वाल ऋषिकेश जाना हौ वो चंडीघाट रोड़ से जा सकते है बाकी हर की पौड़ी के सामने वाला हाईवे को बंद रखा जायेगा। बॉर्डर पर ही सभी लोगों की आरटीपीसीआर रिपोर्ट की जांच की जाएगी और इस दौरान जो कोई भी नियमों का उल्लंघन करेगा उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही भी अमल में लाई जाएगी बिना रिपोर्ट वाले श्रद्धालुओं को हरिद्वार जिले की सीमा में प्रवेश करने नहीं दिया जाएगा।

