हरिद्वार – प्रदेश में 4 साल सरकार के पूरे होने पर पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार ने 18 मार्च को प्रदेश की सभी 70 विधानसभाओं में “विकास के 4 साल बातें कम काम ज्यादा” के शीर्षक के साथ सरकार की उपलब्धियों जनता को बताने के लिये कार्यक्रम आयोजित करने का फैसला लिया था। लेकिन 4 साल पूरे होने से 9 दिन पूर्व ही 9 मार्च को केंद्रीय नेतृत्व के आदेश पर त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंप दी थी। त्रिवेंद्र के जगह पार्टी ने तीरथ सिंह रावत को प्रदेश का अगला मुख्यमंत्री बनाया है। तीरथ सिंह रावत ने 11 मार्च को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। जबकि मंत्रिमंडल के सदस्यों ने 12 मार्च को मंत्री पद की शपथ ली। 18 मार्च के कार्यक्रम में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री सभी 70 विधानसभाओं में एक ही समय पर वर्चुअल तरीके से अपना संबोधन देने वाले थे। लेकिन प्रदेश में अब परिस्थितियाँ बदल गई हैं। बीजेपी शीर्ष नेतृत्व ने प्रदेश की कमान तीरथ सिंह रावत के हांथों में दे दी है। यही वजह है कि अब एक पत्र जारी करके इस कार्यक्रम को अपरिहाय कारणों से स्थगित करने की बात कहीं गई है।

पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत अपनी सरकार के 4 साल पूरे होने पर जनता को अपनी सरकार की उपलब्धियां बताने वाले थे लेकिन शायद जो उपलब्धियां वह जानता को बताने वाले थे वे अपने केंद्रीय नेतृत्व को ही नहीं बता पाए, परिणाम सबके सामने है।

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