हरिद्वार – केंद्र सरकार द्वारा बैंकों के निजीकरण के विरोध में आज से सभी सरकारी बैंकों की दो दिवसीय हड़ताल शुरू हो गई है। हरिद्वार के रानीपुर मोर स्थित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा पर तमाम बैंकों के कर्मचारी एकत्रित हुए जहां उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर अपना विरोध जताया। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के सचिव हिमांशी गोनियाल ने आरोप लगाया कि पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार सरकारी बैंकों के निजीकरण पर तुली हुई है। सरकार जन विरोधी नीतियों पर उतारू हो गई है। बैंकों का निजीकरण हो जाने के बाद सबसे ज्यादा नुकसान आम जनता को होने वाला है। इसके साथ ही सरकारी बैंकों में कार्यरत कर्मचारियों की रोजी-रोटी पर भी संकट खड़ा हो जाएगा। सरकार बैंको के साथ पब्लिक सेक्टर की कंपनियों जैसे बीमा, इंश्योरेंस, हाईवे पैट्रोलियम इंडस्ट्री इन सभी को निजीकरण की तरफ ले जाना चाह रही है जिससे आम आदमी की कमर टूट जाएगी और केव पूंजी पतियों को ही इसका लाभ मिलेगा। बैंक एम्पलाइज यूनियन के जनरल सेक्रेटरी राजकुमार सक्सेना ने कहा कि सरकार ने इससे पहले भी कई बैंकों का विलायिकरण किया लेकिन उसका कोई खास फायदा नहीं मिला। अब सरकार एक बार फिर से निजीकरण करने जा रही है जो बिल्कुल भी आमजन के हित में नहीं है। जो सुविधाएं सरकारी बैंक आम जनता को दे सकता है प्राइवेट बैंक नहीं दे सकता। कोरोना काल में भी सरकारी बैंकों ने ही सरकार द्वारा लिए गए सभी फैसलों के अनुसार आमजन को राहत देने का काम किया, उसके बावजूद सरकार जनविरोधी नीतियां अपना रही है।
बैंक कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने निजीकरण के इस फैसले को वापस नहीं लिया तो बैंक कर्मचारियों ने मन बना लिया है कि वह अनिश्चितकालीन हड़ताल भी करने से पीछे नहीं हटेंगे।

