हरिद्वार – हरिद्वार के कम्बल कारोबारी की हत्या में शामिल चार आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। गौरतलब है कि कुछ साल पहले हरिद्वार के कम्बल कारोबारी अमित दीक्षित उर्फ गोल्डी को बदमाशों ने गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया था। उसके बाद पुलिस की जाँच में सामने आया कि कारोबारी की हत्या के पीछे यूपी के मुजफ्फरनगर के कुख्यात संजीव महेश्वरी उर्फ जीवा का हाथ है। उस समय चौकाने वाली बात भी सामने आई कि बदमाशों को कम्बल कारोबारी की हत्या नही बल्कि किसी प्रोपर्टी डीलर की हत्या करनी थी लेकिन वेशभूषा में अंतर न समझ पाने के कारण बदमाशों ने गलती के कम्बल कारोबारी पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी। अमित दीक्षित के ससुर की तरफ से हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस ने इस मामले में यूपी के शूटर शाहरुख उर्फ पठान, पप्पू उर्फ जरीफ, मुजाहिद, शाहिल, विक्की ठाकुर, रितेश और निखिल ठाकुर को गिरफ्तार किया। आरोपियों ने स्वीकार किया था कि उन्हें प्रोपेर्टी डीलर की हत्या करने की सुपारी मिली थी लेकिन उन्होंने हुलिया न पहचान पाने के कारण कम्बल कारोबारी को मौत के घाट उतार दिया था। न्यायालय ने 4 आरोपियों को आजीवन कारावास व पांच हजार का दंड की सजा सुनाई है। जबकि सबूतों के अभाव में निखिल और विक्की को दोषमुक्त कर दिया है।
गौरतलब है इस हत्या का तानाबाना यूपी के कुख्यात संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा ने बुना था और उसने ही यूपी से दो शूटर बुलाये जिन्होंने धोखा खाकर कम्बल कारोबार की हत्या कर दी।

