हरिद्वार – धर्मनगरी हरिद्वार कुम्भ के रंग में सराबोर है। सभी अखाड़ो मठ मंदिरों में साधु संतों का आगमन हो गया है। भस्म लगाए धुनि रमाय नागा साधु कुम्भ मेले का मुख्य आकर्षण बने हुए है। ऐसे ही एक नागा साधु है श्री दिगम्बर खुशहाल भारती। दिगम्बर खुशहाल भारती ने हरिद्वार के बैरागी कैम्प में अपना डेरा जमाया हुआ है जहाँ उनके द्वारा रोजाना अन्नक्षेत्र चलाया जा रहा है जिसमे हजारों श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करके अपना पेट भरते है।

बैरागी कैम्प स्थित अपनी कुटिया में दिगम्बर भारती ने मंगलवार से महारुद्र यज्ञ की शुरुआत की है। इस यज्ञ में वो पूजा जप तप करके भगवान शिव की उपासना कर रहे हैं। दिगम्बर भारती का कहना है कि प्रत्येक कुम्भ में आने वाले लोगो को भोजन कराना और महारुद्र यज्ञ के माधयम से प्रकृति के संतुलन को स्वच्छ रखना ही उनका एकमात्र उद्देश्य है। महारुद्र यज्ञ को पूरा करने में 41 दिन का समय लगता है। उन्होंने संकल्प लिया है कि वह 108 महारुद्र यज्ञ करेंगे। 2013 के इलाहाबाद कुंभ में उन्होंने इस यज्ञ की शुरुआत की थी और हरिद्वार कुंभ में उनका यह 22 वाँ यज्ञ है।
सिद्धबली हनुमान नर्मदेश्वर मंदिर के पीठाधीश्वर स्वामी आलोक गिरी महाराज ने बताया कि खुशहाल भारती निरंजनी अखाड़ा से जुड़े हुए नागा संत हैं, जो केवल सेवा भाव और प्रकृति के संतुलन के लिए महारुद्र यज्ञ कर रहे हैं।

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