लक्सर – लक्सर कोतवाली की पुलिस ने नकली नोट छापने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार कर लिया है। शुक्रवार को एसपी देहात ने पूरे मामले का खुलासा किया है। आरोपियों के कब्जे से नोट छापने की मशीन, कम्प्यूटर, प्रिन्टर, लेनिमेशन मशीन, 200 रूपये की 135 नकली नोट बरामद हुई है। एसपी देहात प्रमेन्द्र डोभाल ने बताया कि बृहस्पतिवार को सुल्तानपुर पुलिस चौकी इंचार्ज धर्मेन्द्र राठी, उपनिरीक्षक यशवीर सिंह नेगी अपनी टीम के साथ क्षेत्र में भ्रमण पर निकले थे कि मुखवीर से सूचना मिली कि दो युवक जसोद्दरपुर पुलिया के पास बस स्टैंड के प्रतीक्षालय में बैठे है और उनके पास नकली नोट है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गयी। मौके से शोएब पुत्र मुर्सलीन निवासी सलेमपुर थाना बहादराबाद व अफजाल पुत्र शमशाद निवासी ग्राम मुस्तफाबाद थाना पथरी को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी लेने पर शोएब के पास से 200 रुपये के 75 नकली नोट बरामद हुए। पूछताछ के आधार पर अन्य आरोपित अफजाल के पास से भी 200 रुपये के 60 नकली नोट समेत तकरीबन 45, हजार 400 रुपये नकद बरामद किया गया है। शुक्रवार लक्सर कोतवाली में मामले का खुलासा करते हुए एसपी देहात प्रमेंद्र डोभाल ने बताया कि दोनों ही नकली नोट छापने के गैरकानूनी कार्य में पिछले काफी समय से लगे थे, जिन्हें मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पकड़ा गया। एसपी देहात ने कहा कि पूछताछ में कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं, जल्द ही उत्तराखण्ड में नकली नोट के कारोबार से जुड़े कुछ और लोगों की भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। नकली नोट छापने वाले गिरोह का तीसरा साथी मास्टरमाइंड शारिक पुत्र मोहम्मद फुरकान निवासी ग्राम महमूद नगर जिला मुजफ्फरनगर पुलिस की गिरफ्त से बाहर है जिसकी तलाश में लगातार पुलिस दबिश दे रही है। तीनों की दोस्ती लॉकडाउन से पहले मुंबई में काम करने के दौरान हुई थी। वर्तमान में वह तीनों सलेमपुर दादूपुर कोतवाली रानीपुर स्थित किराए के मकान में नकली नोट बनाने के कार्य को अंजाम दे रहे थे। पुलिस आरोपितों का आपराधिक इतिहास खंगाल रही है।
पूरे मामले का पर्दाफाश करने वाली पुलिस टीम में सीओ विवेक कुमार, कोतवाल प्रदीप चौहान, वरिष्ठ उपनिरीक्षक नितेश शर्मा, चौकी इंचार्ज सुल्तानपुर धर्मेंद्र राठी, उप निरीक्षक यशवीर सिंह नेगी, कांस्टेबल शहजाद अली, संजय अब्बल बलवीर , सुनील दिनेश सत्येंद्र मनोज मलिक शामिल रहे।

