हरिद्वार – धर्मनगरी हरिद्वार कुंभ के रंग में सराबोर है। लेकिन एक बार फिर से कोरोना के बढ़ते हुए मामलों ने कुंभ मेले के आयोजन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन द्वारा एक बार फिर से बड़ी संख्या में टेस्टिंग की जा रही है। मेले के लिए तैनात सभी फ्रंटलाइन वर्कर्स, पुलिसकर्मियों और बुजुर्गों के साथ ही धर्म नगरी हरिद्वार में मठ मंदिरों और अखाड़ों के साधु संतों का कोरोना टेस्ट भी किया जा रहा है। कुंभ मेले में आकर्षण का केंद्र बने किन्नर अखाड़ा से जुड़े लोगों ने भी कोरोना टेस्ट करवाया है। किन्नर अखाड़ा कि आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी समेत दस लोगों ने कोरोना टेस्ट करवाया जिन सभी की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। दिल्ली में टेस्ट करवाने के बाद महामंडलेश्वर समेत सभी लोग हरिद्वार पहुँच गए है। गौरतलब है कि आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने पेशवाई के दौरान भी सभी लोगों से मास्क लगाने और सरकार द्वारा जारी गाइडलाइंस का पालन करने की अपील की। प्रशासन को सहयोग करने और जन जागरूकता के लिए उन्होंने एक बार फिर से कोरोना टेस्ट करवा कर यह संदेश दिया है कि कुंभ मेले में कोरोना गाइडलाइंस का पालन बेहद जरूरी है। लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने अन्य सभी लोगों से अपील की है कि सरकार द्वारा गाइडलाइंस का पालन करें और हरिद्वार महाकुंभ का भक्ति और पुण्य लाभ उठाएं।
सीएम तीरथ सिंह रावत द्वारा कुंभ मेले पर लगे सभी प्रतिबंधों को हटाने की घोषणा के बाद यह साफ हो गया था कि हरिद्वार कुंभ मेले का दिव्य भव्य आयोजन होगा। लेकिन एक बार फिर से बढ़ते हुए मामलों ने संशय पैदा कर दिया है। अब प्रशासन के सामने भी बड़ी चुनौती है। हालांकि साधु-संतों के साथ ही कुंभ मेले की ड्यूटी में सभी कर्मचारियों का कोरोना टेस्ट करवाया जा रहा है।

