आस्था पथ, हरिद्वार, उत्तराखंड

हरिद्वार – वैसे तो हरिद्वार महाकुंभ के लिए प्रशासन ने कई स्थाई और अस्थाई निर्माण कार्य कराए हैं लेकिन हरिद्वार के लोगों के लिए प्रशासन ने आस्था पथ के रूप में एक बड़ी सौगात दी है। चंडी टापू के पास गँगा नदी की नीलधारा के किनारे कुंभ मेला प्रशासन की ओर से आस्था पथ तैयार किया गया है। जिस स्थान पर ये आस्था पथ तैयार किया गया है वहाँ पहले झुग्गी झोपड़ियों जैसे अतिक्रमण फैले हुए थे।

आस्था पथ की विशेषताएं

आस्था पथ पर लोग मॉर्निंग वॉक, इवनिंग वॉक करने के साथ-साथ योग और ध्यान के साथ ही माँ गँगा और मनसा देवी, चंडी देवी मंदिरों के दर्शन करने का भी आनंद ले रहे हैं। अपर मेलाधिकारी ललित नारायण मिश्र बताते है कि रिवर फ्रंट डेवलपमेंट के तहत करीब एक किलोमीटर लंबे आस्था पथ में कई विशेषताएं हैं। इसमें जलदर्शन, सूर्य दर्शन, दिग्दर्शन और रमिया दर्शन जैसे चार पॉइंट बनाए गए हैं। उसके अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रम करने के लिए भी यहां हॉल बनाया गया है। लोग यहां शांत वातावरण में गंगा किनारे भजन कीर्तन करने का लुफ्त भी उठा सकते हैं इसके लिए यहां एक खास सत्संग भवन भी बनाया गया है।

क्या कहते है आस्था पथ का आनंद लेने वाले लोग

स्थानीय लोग और पर्यटक आस्था पथ की काफी सराहना कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे पहले यहां पर अतिक्रमण हुआ करता था। कुंभ मेले के तहत कई खास कार्य किए गए हैं जिनमें आस्था पथ बहुत उपयोगी निर्माण है। इससे ना सिर्फ हरिद्वार में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि कुंभ मेले के बाद भी स्थानीय लोगों के लिए यह हमेशा उपयोगी रहेगा। लोग सुबह शाम आस्था पथ पर पहुंचकर टहलने का आनंद ले रहे हैं।

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