हरिद्वार – धर्मनगरी हरिद्वार महाकुंभ मेले के रंग में रंग चुकी है। बड़ी संख्या में साधु संतों ने हरिद्वार में अपना डेरा जमा लिया है। हरिद्वार में विभििन्न साधु संतों के अद्भुत दर्शन करने के लिए लोगो का तांता लगा हुआ है। ये साधु संत ईश्वर की भक्ति में लीन है। ऐसे ही एक संत है जिनका नाम है श्री महंत कर्णपुरी अट्टा उर्फ ऊर्ध्व महाराज जिन्होंने कई सालों से अलग ही हठयोग धारण किया हुआ है। ये जूना अखाड़े के नागा सन्यासी है। इन्हें देखने के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है।
वीओ1 – कर्णपुरी अट्टा महाराज ने पिछले 12 सालों से अपना दाया हाथ ऊपर खड़ा किया हुआ है और यह उनका हठयोग है। इसी हठयोग के कारण इन्हें उर्ध्व बाहु महाराज के नाम से जाना जाने लगा है। पिछले 12 सालों से हाथ खड़ा किये ऊर्ध्व बाहु महाराज के नाखून भी बहुत बड़े हो गए है। जूना अखाड़े के संत और श्री भैरों बाबा मंदिर के पूर्व मुख्य पुजारी भास्कर पुरी महाराज बताते है कि जूना अखाड़े में कई तरह के साधु संत ऐसे हैं जिन्होंने विशेष हठयोग धारण किया हुआ है। ऐसे ही ऊर्ध्व बाहु महाराज हैं जिन्हें वह पिछले 12 साल से ऐसे ही देख रहे हैं। अर्ध बाहु महाराज का यह हठयोग केवल और केवल विश्व कल्याण और सनातन धर्म के प्रचार प्रसार ही है और जब तक उनका ये प्रण पूरा नही हो जाता तब तक उनका ये हठयोग जारी रहेगा। ऊर्ध्व बाहु महाराज कुंभ मेले के दौरान खुद ही अपना धुना रमाते हैं और वहीं पर ही तपस्या करते हैं।
जूना अखाड़ा स्थित माया देवी मंदिर परिसर में बनी छावनी में अपना धुना रमाया हुआ है। यहीं पर ही ये महाराज तपस्या में लीन रहते है। बड़ी संख्या में लोग इनके दर्शन करने इनके धुने पहुँच रहे है और आशीर्वाद ले रहे है।

