हरिद्वार – हरिद्वार जिले में जीएसटी चोरी के मामले बढ़ते जा रहे है। जीएसटी चोरी की नई-नई कार्यप्रणालियां अपनायी जा रही हैं। खासकर जिनमें बिना बिल बनाये माल बेचे जाने, एक ही बिल पर कई बार माल बेचे जाने, फर्जी कागजों का प्रयोग कर जी0एस0टी0 का पंजीयन लेकर कर चोरी करना, बिना समान बेचे मात्र इनवाॅइज जारी आई0टी0सी0 का लाभ लेना आदि नये नये तरीके अपनाए जा रहे है। राज्य कर विभाग द्वारा इन सभी कर विरोधी कार्यप्रणालियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

हरिद्वार संभाग की प्रवर्तन इकाईयों (विशेष अनुसन्धान शाखा तथा सचलदल इकाई) द्वारा संयुक्त आयुक्त के निर्देशन में लगातार ऐसी फर्मों की पहचान कर उनके विरूद्ध विधिक कार्यवाही की जा रही है। साल 2020-21 में ऐसे 19 मामलों में 202.03 करोड़ मूल्य के माल पर रू-36.42 करोड़ जमा किये जाने की कार्यवाही की जा चुकी है। ऐसी फर्मों से सम्बद्ध हरिद्वार तथा कोटद्वार में कुछ बड़ी आयरन स्टील की फैक्ट्रियों पर भी विभाग द्वारा कार्यवाही की गई है।

हरिद्वार के रूड़की, लक्सर, भगवानपुर, कोटद्वार क्षेत्र में आयरन स्टील की अधिकांश निर्माण इकाइयां स्थित हैं, जो आयरन स्क्रैप की खरीद कर आयरन इंगट तथा सरिया, एंगल आदि का निर्माण कर बिक्री का कार्य करती हैं। इन सभी इकाइयों पर विभाग की नजर है।

व्यापारियों द्वारा ई-वेबिल की बाध्यता से छूट लेने के लिए 50 हजार से कम मूल्य के बिल जारी किये जाते हैं। इस प्रवृति को रोकने हेतु ऐसे सभी बिलों का सत्यापन किया जा रहा है जिनमें क्रेता अथवा विक्रेता उत्तराखण्ड राज्य का है तथा यह बिल किसी फर्म के नाम के न होकर किसी व्यक्ति के नाम पर बनाए गए हैं।

विभाग द्वारा पान मसाला, गुटखा, सिगरेट आदि के परिवहन तथा स्टाॅकिस्ट पर विशेष नजर रखी जा रही है, जिससे इनपर कर तथा सेस पूर्ण रूप से जमा हो पाए। पान मसाला, गुटखा का परिवहन करने वाले वाहनों के सम्बन्ध में कार्यवाही करते हुए दो वाहन अभिगृहीत किये गये हैं। जिन पर अर्थदण्ड की कार्यवाही की जा रही है।

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