हरिद्वार – धर्मनगरी हरिद्वार में कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे है। महाकुंभ मेले में आये लगभग 70 साधु संत भी कोरोना संक्रमित हो गए है। श्री पंचदशनाम जूना अखाड़े में गौतम गिरी हिमालय योगी बाबा और किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर भवानी मां ने कोरोना मुक्ति की कामना लेकर हिमालय के जंगलों की जड़ी बूटियों के द्वारा हवन यज्ञ किया।
इस दौरान किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर भवानी माँ ने कहा कि इस समय हमारा देश एक बहुत भयंकर कोरोना महामारी बीमारी से जूझ रहा हैं। किन्नर अखाड़ा महाकुंभ मेले में शुरू से यही उपदेश देता आ रहा है कि दो गज की दूरी मास्क है जरूरी। इसलिए इस बीमारी से मुक्त होने के लिए यज्ञ और हवन का आयोजन उन्होंने किया है। हमारा शास्त्र कहता है कि यज्ञ में आहूत की गई जड़ीबूटियों से वातावरण शुद्ध होता है। निश्चित रूप से इससे निकलने वाली तरंगे कोरोना के प्रभाव को कम करेंगी। उनकी यही कामना है कि कोरोना बीमारी से पूरा देश ही नही पूरा वर्ल्ड जल्द ही मुक्त हो सके।
वही जूना अखाड़े के हिमालय योगी गौतम गिरी बाबा हिमालय योगी का कहना है जड़ी बूटियों को हिमालय के जंगलों से इकट्ठा करके हवन यज्ञ कर रहे है ताकि देश-विदेश में कोरोना की समाप्ति हो और देश मे सुख शांति समृद्धि आये। हवन यज्ञ से निकली वाइब्रेशन फीलिंग से पर्यावरण शुद्ध होता है। उन्होंने बताया कि जैसे प्राचीन काल मे जब कोई बीमारी फैल जाती थी, तो हमारे साधु संत महात्मा बीमारियों को एक चारपाई से बांध दिया करते थे और हवन यज्ञ किया करते थे। इसलिए इस बीमारी से मुक्ति के लिए हवन यज्ञ प्रारंभ किया है।

