संपादक की कलम से ..

दिल्ली – कोरोना देश के लिए बड़ा संकट बनता जा रहा है। पिछले कुछ दिनों की बात करें तो कोरोना रोज नए रिकॉर्ड बना रहा है। 15 अप्रैल को कोरोना के 2 लाख मरीज़ मिले थे तो 16 अप्रैल को कोरोना मरीजों की संख्या 2,31 हज़ार को पार कर गया। वहीं पिछले 24 घंटे में कोरोना के रिकॉर्ड 2,34 हज़ार से ज्यादा मामले मिले हैं, पिछले 7 दिनों में 9 लाख से ज्यादा केस सामने आए हैं, देश के तमाम राज्यों में कोरोना ने कहर बरपा रखी है, कहीं संक्रमित मरीजों को बैड नहीं मिल रहा है तो कहीं, ऑक्सीजन और दवाईयों की कमी देखने को मिल रही है।

कोरोना संक्रमण बढ़ने के जितने ज़िमेदार आम लोग हैं उससे ज्यादा ज़िमेदार संवेधानिक पदों पर बैठे नेता और अधिकारी हैं, देश पिछले एक साल से कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रहा है, लॉक डाउन से लेकर तमाम सरकार के फैसलों का आम लोगों ने अपनी दिक्कतों के बावजूद पालन किया ताकि कोरोना की लड़ाई कहीं कमजोर न पर जाए। लेकिन देश के हालातों को नजर अंदाज करते हुए कई राज्यों में चुनाव का ऐलान कर दिया गया, चुनावी सभाओं में जमकर कोविड के नियमों का उलंघन हो रहा है, सोशल डिसटेनसिंग, दो गज की दूरी और मास्क जरूरी जैसी बातें शायद चुनावी रैलियों में लागू नहीं होती।

वहीं कुंभ जैसे बड़े आयोजन की अनुमति भी कोरोना संक्रमण को आमंत्रण देने वाला साबित हुआ, कुंभ में सैकड़ों संत कोरोना की चपेट में हैं, हालाकिं केंद्र सरकार ने कुंभ के लिए एसओपी जारी की थी। लेकिन उस एसओपी का पालन कुंभ में 1 अप्रैल से शुरू किया गया, तक तक लाखों की तादात में साधु संत और श्रद्धालु हरिद्वार में बिना किसी रोक टोक के प्रवेश कर चुके थे। मेलाप्रशसन ने एसओपी का पालन कराने की भरसक कोशिश की लेकिन लाखों लोगों की भीड़ के आगे 100 फीसदी एसओपी का पालन करवाने में मेला प्रशासन भी बेबस नज़र आया। नियमों की अनदेखी का सीधा असर अब हरिद्वार में दिख रहा है। जनपद में कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, सैंकड़ों साधु संतों समेत जनपद के लोग भी संक्रमित हो रहे हैं, हरिद्वार में 14 अप्रैल को 525 मरीज़ मिले तो 15 अप्रैल को 629 कोविड संक्रमित पाए गए जबकि 16 अप्रैल को 592 नए मामले सामने आए हैं।

सवाल यही है कि आखिर देश में कोरोना से बिगड़ते हालात के लिये ज़िमेदार कौन हैं .. और क्या हरिद्वार में कोरोना संक्रमण को रोका जा सकता था, क्या है आपका व्यू ..

कोरोना से हर हाल में लड़ना है, सोशल डिसटेनसिंग, दो गज की दूरी और मास्क भी है बहुत जरूरी

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