हरिद्वार – कोरोना काल में हरिद्वार के सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों को ऑक्सिजन गैस को किल्लत नही उठानी पड़ेगी। हरिद्वार के पूर्व मेयर मनोज के प्रयास से हरिद्वार स्थित बीएचईएल कंपनी को ऑक्सिजन गैस प्लांट चलाने की अनुमति मिल गई। उत्तराखंड सरकार ने बीएचईएल को ये अनुमति दी है, बहुत जल्द ही बीएचईएल में ऑक्सिजन गैस का उत्पादन शुरू हो जाएगा।
पूर्व मेयर मनोज गर्ग ने बताया कि कोरोना काल के चलते पिछले कुछ दिनों से संपूर्ण देश और सभी राज्यों में ऑक्सीजन की कमी देखने को मिल रही है। यह एक बहुत ही चिंताजनक विषय है, इस विषय को गंभीरता से लेना हर किसी व्यक्ति का कर्तव्य है। इसलिए पिछले कुछ दिन पहले उन्होंने बी.एच.ई.एल के कार्यपालक निदेशक संजय गुलाटी से वार्ता की औऱ उनसे कहा कि सरकारी हॉस्पिटलों के साथ-साथ आप प्राइवेट हॉस्पिटलों को भी ऑक्सीजन उपलब्ध कराएं। जिसके उपरांत संजय गुलाटी द्वारा बताया गया कि इस विषय मे दिल्ली उच्च अधिकारियों से से वार्ता करने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। चार दिन पहले उन्होंने स्वम् मुख्यमंत्री और हरिद्वार जिलाधिकारी को इस विषय की गंभीरता से अवगत कराया। शासन और प्रशासन दोनों के द्वारा यह आश्वासन मिल गया है कि जल्द ही बीएचईएल इन प्लांटों में ऑक्सीजन प्रोडक्शन शुरू हो जाएगा। इसके शुरू होने से सरकारी गैर सरकारी, प्राइवेट हॉस्पिटलों को भी वितरण की अनुमति मिल जाएगी। बी.एच.ई.एल के द्वारा ऑक्सीजन बनाने का जो प्लांट है उसे चलाने हेतु बी.एच.ई.एल को लाइसेंस जारी कर दिया गया है, जो जल्द ही शुरू हो जाएगा।
मनोज गर्ग ने कहा कि उन्हें हर्ष है कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत, जिलाधिकारी हरिद्वार सी0 रविशंकर एवं बी.एच.ई.एल के महाप्रबंधक प्रभारी संजय गुलाटी के द्वारा तत्काल इस कार्य को किया गया। इसके लिए वो पूरे हरिद्वार ही नहीं पूरे उत्तराखंड की ओर से आप सभी का आभार व्यक्त करते है।

