देहरादून – देश के साथ उत्तराखंड में भी कोरोना वायरस का संक्रमण लगातार तेज़ी से फैल रहा है। देश के कई राज्यों की तुलना में उत्तराखंड की जनसंख्या काफी कम है, लेकिन संक्रमण जिस तेज़ी से फैल रहा है वह चिंतित करने वाला है। कोरोना कर्फ्यू और सख्त आदेश के बावजूद दिनप्रतिदिन बढ़ते आंकड़े आम लोगों को डराने लगे हैं। तो यह आखडे सरकार की चिंताओं को भी बढ़ा रहा है।

गौरतलब है कि प्रदेश में संक्रमितों का आंकड़ा 1,62,562 लाख को पार कर चुका है। पिछले 24 घंटों में कोरोना के 5703 नए मामले आए हैं, सबसे ज्यादा 2218 देहरादून, 1024 हरिद्वार 848 नैनीताल और 397 ऊधमसिंह नगर में सामने आए हैं। जबकि पिछले 24 घंटे में 96 लोग कोरोना से जंग हार गए। वहीं अब तक प्रदेश में 2309 लोग कोरोना से अपनी जान गवा चुके हैं।

कोरोना के बढ़ते संक्रमण से देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और उधमसिंह नगर में स्वास्थ्य व्यवस्थाएं चरमराने लगी है। प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों में आईसीयू बैड आसानी से उपलब्ध नहीं है, इलाज़ में काम आने वाली इंजेक्शन और दवाईयों के लिए भी परिजन मशक्कत कर रहे हैं। इलाज़ की तलाश में परिजन मरीज़ों को लेकर इधर उधर भागने को मजबूर हैं। सरकारी दावों के विपरीत व्यवस्थाएं नाकाफी साबित हो रही है। पिछले 24 घंटे में 96 मौतें प्रदेश के लोगों को भयभीत कर रही हैं।

सरकार और स्थानीय प्रशासन के तमाम इंतज़ामों और दावों के बीच संक्रमित मरीज़ों की संख्या में रोज बढ़ोतरी और मौतों की संख्या में इजाफा, मानों सरकार और प्रशासन को अलर्ट कर रहा है, कि सरकार प्रशासन अपनी तैयारियों और कोविड कन्ट्रोल के लिए उठाये जा रहे कदमों की समीक्षा करके दुरुस्त कर लें। ताकि आने वाले समय में हालात बद से बदतर न हो जाए। संक्रमितों को सही समय पर इलाज़ सुनिचित कराने के साथ ही शक्ति से संक्रमण की चैन को भी तोड़ने की आवश्यकता है।

प्रदेश में बढ़ते मामलों को देखते हुए कहीं कर्फ्यू तो कहीं नाईट कर्फ्यू लगाया गया है। लेकिन हालात दिनप्रतिदिन बिगड़ते जा रहे हैं, आम लोगों के सहयोग के बिना कोरोना से जंग नहीं जीती जा सकती है। अगर हालात पर समय रहते काबू नहीं पाया गया तो उत्तराखंड में हालात और खराब हो सकते हैं।

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