हरिद्वार – महानगर व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष व सामाजिक कार्यकर्ता सुनील सेठी ने शिक्षा मंत्री से निजी स्कूलों की फीस पर अंकुश लगाने और अभिवावकों को राहत देने की मांग की है। मीडिया को जारी बयान में सुनील सेठी ने कहा कि जैसे तैसे अभिवावकों ने 2020 में बंद स्कूलों की फीस जमा करवाई। लेकिन पहले भी ज्यादा वर्तमान हालात बहुत बुरे है। व्यापार चौपट होने से आर्थिक स्तिथि से जूझ रहे। अभिकावको को अपने बच्चो की शिक्षा को लेकर चिंता है। सरकार द्वारा निजी स्कूलों की फीस माफी की मांग पिछले वर्ष से अभिवावक उठा रहे है लेकिन सरकार द्वारा कोई मदद नही दी गई। ये निजी स्कूलों के दवाब में सरकार की हठकर्मिता को दर्शाता है। अब भी अभिवावक स्कूलों की फीस माफी की मांग कर रहा है अगर सरकार वो नही कर सकती तो कम से कम जितने घण्टे ऑनलाइन क्लास चल रही है उस हिसाब से ही फीस निर्धारित करें। क्योकि टयूशन फीस चार्जेस के नाम पर पिछले वर्ष की पूरी फीस स्कूलों द्वारा वसूली गई। सभी जानकारी के बाद भी सरकार कुंभकर्णी नींद में सोई रही। या तो सरकार उनकी मांग को गंभीरता से ले अन्यथा कोरोना काल में भी निजी स्कूलों की मनमानी रोकने में असफल शिक्षा मंत्री इस्तिफा दे।

