संपादक की कलम से

हरिद्वार – देश में कोरोना ने विक्राल रूप धारण कर लिया है, पिछले 24 घंटों में कोरोना के 1,15,750 नए संक्रमित मिले हैं, जबकि 6 अप्रैल को 96,557 और 5 अप्रैल को 1 लाख से ज्यादा केस सामने आए थे। महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, छत्तीसगढ़, पंजाब समेत कई राज्यों में संक्रमण लगातार बढ़ रहा है, अकेले महाराष्ट्र में ही 55,469 संक्रमित सामने आए हैं।

हरिद्वार में कुम्भ मेले का आयोजन चल रहा है, लाखों साधु संत, मेले से सम्बंधित अधिकारी, पुलिस के जवान सहित मेले से जुड़े हज़ारो लोग कुंभ के कार्यों में लगे हैं। कुंभ मेले के मद्देनज़र श्रद्धालुओं के लिए केंद्र ने एसओपी जारी की हुई है, जिसका पालन राज्य सरकार और मेला पुलिस प्रशासन को कराने का निर्देश दिया गया है। कुंभ में लाखों लोगों की मौजूदगी है और हज़ारों श्रद्धालु रोज हरिद्वार पहुंच रहे हैं, ऐसे में मेला पुलिस-प्रशासन के लिए एसओपी का सौ फीसदी पालन करवाना बड़ी चुनौती है। लेकिन कोरोना का संक्रमण जिस गति से बढ़ रहा है उसके मद्देनज़र मेला पुलिस प्रशासन को तमाम चुनौतियों के बीच कोविड के नियमों का पालन कराने के लिए अपनी तैयारियों को और पुख्ता करने की आवश्यकता है, कुम्भ क्षेत्र में धार्मिक आयोजन के दौरान बड़े पैमाने पर भीड़ मौजूद हो रही है, जहां सोशल डिस्टेंसिंग तो दूर, सैकड़ों लोगों के चेहरों पर मास्क तक नहीं है। हालांकि ऐसा बिल्कुल नहीं है कि कुम्भ मेला पुलिस-प्रशासन गईडलाईनों का पालन करवाने की कोशिश नहीं कर रहा है, मेलाधिकारी और कुंभ आईजी श्रद्धालुओं से लगातार कोविड के नियमों का पालन करने की अपील कर रहे हैं, लेकिन तमाम अपीलों के बावजूद श्रद्धालु और फ्रंट लाइन में काम करने वाले स्थानीय लोग भी कई बार कोरोना गाइड लाइनों की धजिया उड़ा रहे हैं।

श्रद्धालुओं और आम लोगों से जब हमारी टीम ने पूछा कि कोरोना संक्रामण लगातार बढ़ रहा है, आप लोगों ने मास्क क्यों नहीं लगाया तो मास्क न लगाने के सैकड़ों बहाने उनके पास पहले से तैयार है, अब सवाल ये उठता है कि आखिर कोरोना संक्रमण को रोकने की ज़िमेदारी क्या सिर्फ सरकार और मेला पुलिस प्रशासन की है !

कुंभ आस्था, धर्म और परंपरा का प्रतीक है, लाखों करोड़ो लोगों की धार्मिक मान्यता, अटूट विश्वास माँ गंगा, साधु संत और सनातन धर्म मे है, लेकिन हमें ये नहीं भूलना चाहिए कि कोरोना पूरी दुनिया के साथ भारत में भी वैश्विक महामारी के रूप में लगातार फैल रहा है, विश्व स्वास्थ्य संगठन कोरोना को लेकर पूरी दुनियॉं को आगाह कर रहा है, कोरोना से बचे रहने और संक्रमण न फैले उसके लिए सबसे ज्यादा जरूरी फेस मास्क लगाना और 2 गज की दूरी है, लेकिन आस्था के उत्साह और उमंग में शायद कुछ लोग यह भूल गए हैं कि कोरोना अब भी देश के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। विभिन्न अखाड़ों और धर्मिक संगठनों द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में कोरोना के नियमों का पालन नहीं हो रहा है, अखाड़ों को भी साधु संतों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को धयान में रखते हुए धार्मिक आयोजनों में कोरोना के तमाम दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करवाना जरूरी है, क्योंकि पूरे देश से श्रद्धालु हरिद्वार कुम्भ में पहुंच रहे हैं, ऐसे में कहीं कोई चूक उत्तराखंड सरकार और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।

श्रद्धालु आस्था के महापर्व में सम्मलित जरूर हों, लेकिन सरकार और मेला प्रशासन के तमाम गईडलाईनों का पालन जरूर करें।

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