हरिद्वार – निरंजनी और आनंद अखाड़े द्वारा कुम्भ समापन की घोषणा से साधु संत नाराज नज़र आ रहे हैं, वैरागी संतों अखाड़ों के बाद शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती महाराज के शिष्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने भी कुंभ समापन की घोषणा पर नाराजगी जताई है।
प्रेस वार्ता कर उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति विशेष या संस्था के कहने से कुम्भ समापन नही हो सकता है। ग्रह नक्षत्र के आधार पर होता है कुम्भ मेले का समापन। जगद्गुरु शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती महाराज कुम्भ मेले के समापन तक हरिद्वार में ही रहेंगे। कोरोना के बढ़ते मामले देखते हुए उन्होंने केवल अपने बड़े कार्यक्रम रद्द किया है बाकी उनके यज्ञ अनुष्ठान शिविर में चलते रहेंगे। उन्होंने कहा पूरे देश मे कोरोना है। बेहतर है कि कोरोना से बचने के लिए एक जगह पड़े रहकर सरकार द्वारा गाइडलाइंस का पालन किया जाए।

