हरिद्वार – भगवत प्रसाद मकवाना सदस्य, सेंट्रल मॉनिटरिंग कमेटी, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार द्वारा आपदा प्रबंधन हॉल में मैन्युअल स्कैवेंजर्स एक्ट के संबंध में बैठक ली। इस दौरान भगवत प्रसाद मकवाना का एमएनए वरूण चौधरी व अपर जिलाधिकारी पी.एल शाह ने पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया। भगवत प्रसाद मकवाना ने कहा कि विभागीय अधिकारी मैन्युअल स्कैवेंजर्स एक्ट का भली भांति अध्ययन कर लें उसके पश्चात जो भी इसके दायरे में आते है पात्रों को लाभंवित करना सुनिश्चित करें, उन्होंने कहा कि एक्ट के मैनुअल में न आने वाले किसी भी पात्र को लाभंवित न किया जाए। इस एक्ट को गम्भीरता से लिया जाए, कोई भी पात्र न छूटे, उन्होनंे सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि भविष्य में आने वाली बैठकों में पूरी तैयारी के साथ आए।

मैन्युअल स्कैवेंजर्स एक्ट की अधिकारियों द्वारा अनभिज्ञ होने पर भगवत प्रसाद मकवाना ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 20 अक्टूबर, 2023 में आदेश दिए है कि मैनुअली सफाई का काम करते है ऐसे लोगो का चयन किया जाए उनको एक मुश्त 40,000 अनुदान देगी तथा 50 लाख देकर स्वरोजगार का अवसर देगी, उनके शिक्षित बच्चों के लिए 10 लाख तक का भारत मे हॉयर एजुकेशन के लिए और बाहर का 20 लाख रू0 का लोन मोदी सरकार सराहनीय कार्य कर रही है। इस दौरान एमएनए वरूण चौधरी के कार्यो की सराहना की।

उन्होंने नगर निगम, नगर पालिकाओं में जितने आउटसोर्स से जितने भी कर्मचारी है उनकी लिस्ट जिलाधिकारी को भेजे जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 31 अक्टूबर से पहले नगर निगम और नगर पालिकाएं आपने अपने क्षेत्रों में बड़े बड़े कस्बों, बस्तियों और रुड़की, लक्सर में कैंप लगाकर रिपोर्ट दे, जिन भी कर्मचारियों को ईपीएफ और ईएसआई की सुविधा मिल रही है उनकी सूची भी दी जाए, जो भी प्राइवेट ठेकेदार लापरवाही करता है तो उस पर कार्यवाही की जाए, किसी सफाई कर्मी की सीवर ओर सेफ्टी टैंक की सफाई करते हुए दुघर्टना होती है जो पहले 10 लाख रुपए का प्राविधान था उसे बढ़ाकर तो 30 लाख तथा 20 लाख अपंग होने की स्थिति में मुआवजे प्राविधान है।
जो उन्होंने मैन्युअल स्कैवेंजर्स (मैला ढोने वाले) स्थाई कर्मचारियों का गोल्डन कार्ड ओर अस्थाई कर्मचारियों का आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे है कि नहीं, तथा हेल्थ शिविर लगाए जाने के निर्देश दिए। लीड बैंक मैनेजर से कितने सफाईकर्मियों को लोन दिया गया की भी जानकारी ली, लीड बैंक मैनेजर संजय संत ने बताया कि 257 लोन के लिए आवेदन आए थे और 26 लोगों को लोन दिया जा चुका है, श्री मकवाना जी ने लीड बैंक के मैनेजर को बाकी लोगों को लोन मुहैया न करवाने का कारण सहित रिपोर्ट मुहैया करवाने के निर्देश दिए।

उन्होंने एआरटीओ रश्मि पंत को निर्देश दिए कि मैन्युअल स्कैवेंजर्स के परिजनों को आटो रिक्शा, ई-रिक्शा चलाने वालों को परमिट देने में प्राथमिकता रखे तथा ऋण सुविधा पर भारत सरकार द्वारा 50 प्रतिशत की सबसिडी प्रदान की जाती है की जानकारी दी। उन्होंने अनुसूचित जाति के लोगों को भारत सरकार एवं राज्य सरकार की सभी योजनाओं का लाभ मिले समाज के अन्तिम छोर तक लाभ मिले यह सुनिश्चित किया जाए। भगवत प्रसाद मकवाना ने समाज कल्याण अधिकारी के किए गये कार्यो से असंतोष व्यक्त किया तथा एक्ट के अंतर्गत लाभाथियों के हितों का ध्यान रखते हुए कार्य करने की चेतावनी दी।

बैठक में सुरेंद्र तेश्वर, राजेन्द्र श्रमिक, एसडीएम अजय वीर सिंह, परियोजना निदेशक के.एन तिवारी, सीओ जूही मनराल,एसीएमओ अनिल वर्मा, शिक्षा अधिकारी आशुतोष भंडारी, समाज कल्याण अधिकारी टी.आर मलेठा, समस्त पालिकाओ के ईओ, ईई एवं अधिशासी अधिकारी तथा सवच्छता कर्मचारी यूनीयन समस्त के अधिकार मौजूद थे।

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