हरिद्वार – राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण छेत्र में स्थित विकास प्राधिकरण को समाप्त करने की दिशा में काम किया है। कुम्भ कार्यो के निरीक्षण के लिए हरिद्वार पँहुचे मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि ग्रामीन छेत्रो के लोगों का उत्पीड़न किया जा रहा था। इसको लेकर हर रोज कई शिकायतें सामने आ रही थी। कंही भी कोई मकान या फिर कुछ और निर्माण किया जाता था, तो प्राधिकरण के लोग उत्पीड़न को पँहुच जाते थे। इसके बाद लोगों की कोई सुनवाई नही होती थी ऐसे में इसे समाप्त करना ही उचित फैसला था।
सीएम के दोस्त ने की थी उत्पीड़न की शिकायत…
हरिद्वार पहुंचे सीएम तीरथ ने मंच से अपने उद्बोधन में कहा कि हरिद्वार के भोगपुर गांव में उनका एक मित्र रहता है। उसने भी उन्हें शिकायत की थी कि वह गांव में अपना घर बनाना चाहता है। लेकिन जैसे ही काम शुरू करता है प्राधिकरण के लोग पहुंच जाते हैं। उल्टी-सीधी मांग करते हैं। कागज मांगते हैं, लेकिन काम शुरू होने नहीं देते। ग्रामीण लोगों की समस्याओं की दिक्कतों को धयान में रख मुख्यमंत्री की शपथ लेने के बाद उन्होंने प्राधिकरण को लेकर बैठक बुलाई और फैसला लिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्राधिकरण को समाप्त किया जाए।

