हरिद्वार (गोपाल रावत) – बारामती में हुई विमान दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री तथा नेशनल कांग्रेस पार्टी के संस्थापक महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के निधन से जहां पूरा देश सदमे में है वही संत समाज तथा समस्त अखाड़ों में भी शोक की लहर दौड़ गई है।
श्री पंच दश नाम जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक तथा अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री महंत हरी गिरी महाराज ने उनके आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उनके इस आकस्मिक निधन से जहां राष्ट्र को अपूरणीय क्षति हुई है वही देश की राजनीति में एक शून्य व्याप्त हो गया है जिसकी भरपाई करना असंभव है। उन्होंने कहा, अजीत पवार अत्यंत दूरदर्शी मेधावी तथा कुशल राजनीतिज्ञ के रूप में पूरे देश में अपना विशिष्ट स्थान रखते थे। उनका साधु संतों से विशेष स्नेह था। कुंभ मेला नासिक में होने वाले महाकुंभ 2027 में की समस्त व्यवस्थाओं को वह स्वयं व्यक्तिगत रूप से रुचि लेकर देख रहे थे। उनके निधन से कुंभ मेले की तैयारी में भी व्यवधान आया है। श्री महंत हरी गिरी महाराज के निर्देश पर अखाड़े के सभी प्रमुख मठों, हनुमान घाट वाराणसी, मौज गिरी मंदिर प्रयागराज, भावनाथ मंदिर गुजरात, दातार अखाड़ा नीलगंगा उज्जैन, नील पर्वत दत्तात्रेय मंदिर नासिक सहित सभी स्थानों पर विशेष शांति पाठ तथा श्रद्धांजलि सभा आयोजित की जा रही है।
हरिद्वार में पौराणिक सिद्ध पीठ मायादेवी मंदिर तथा श्री आनंद भैरव मंदिर स्थित भैरव घाट पर अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री श्री महंत महेश पुरी महाराज के साथ साधु संतों नागा संन्यासियों ने मां गंगा, भगवान दत्तात्रेय, महामाया देवी से उनकी आत्मा के शांति के लिए प्रार्थना की तथा शांति पाठ का आयोजन किया।
इस मौके पर श्री महंत पशुपति गिरी, महंत भीष्म गिरी ,महंत भास्कर पुरी, महंत आदित्य गिरी, महंत ग्वाला पुरी, महंत आकाश गिरी, महंत अमृत पुरी, महंत रणधीर गिरी सहित कई लोग उपस्थित थे।

