हरिद्वार – हरिद्वार पुलिस की मानवीय चेहरा एक बार फिर आया सामने। हरकी पैड़ी से मिले दिव्यांग को पुलिस ने 4 दिन न सिर्फ अपने पास रखा बल्कि उसे स्थायी आश्रय भी मुहैया कराया।
दरअसल 4 दिन पहले दिल्ली के एक परिवार ने गुरदीप जो की दिव्यांग हैं, उन्हें हरिद्वार छोड़ कर वापस चले गए, तब से यह हरकी पैड़ी पर ही इधर उधर गुजर बसर कर रहे थे। हरकी पर भटकते देख स्थानीय व्यापारियों ने इसकी सूचना हर की पौड़ी पुलिस चौकी को दी। पुलिस ने गुरदीप से उसका नाम पता पूछा तो उसने पुलिस को आपबीती बताई। पुलिस को उसने ये भी बताया कि वो लाचार और एक पैर से दिव्यांग जरूर है लेकिन भीख नही माँग सकता। पूछताछ में उस व्यक्ति द्वारा अपना नाम गुरदीप पुत्र जसवंत सिंह निवासी दिल्ली बताया। गुरदीप ने पुलिस से स्वयं के लिए स्थाई आश्रय की व्यवस्था करने की माँग की। जिस पर चौकी हरकी पैडी पुलिस द्वारा उक्त गुरदीप को स्थाई आश्रय दिलाए जाने हेतु आस पास की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं, आश्रमों, एनजीओ, सामाजिक कार्यों में रूचि लेने वाले व्यक्तियों, हरिद्वार आये श्रृद्धालुगणों आदि से संपर्क किया गया लेकिन उसे स्थाई रूप से रखने की कोई व्यवस्था नही हुआ।
इसके बाद पुलिस द्वारा प्रयास जारी रखते हुए विगत 4 दिनों से चौकी में ही गुरदीप के रहन-सहन, खाने-पीने की व्यवस्था आदि की गई। साथ ही उच्चाधिकारीगणों को भी गुरदीप के संबंध में सूचित किया गया। पुलिस द्वारा लगातार किये जा रहे प्रयास व उच्चाधिकारीगणों के तालमेल व जागरूक व्यक्तियों के आपसी समन्वय से जानकारी मिली कि जालंधर के एक दिव्यांग आश्रम में गुरदीप की व्यवस्था हो सकती है। बाहरी राज्य होने के कारण गुरदीप के संबंध में उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक को भी अवगत कराया गया। पुलिस महानिदेशक द्वारा तत्काल व्यक्तिगत रूप से रुचि लेते हुए उक्त गुरदीप के स्थाई आश्रय हेतु जालंधर आश्रम निवासी तरसेम कपूर से बातचीत कर उसे आश्रय दिए जाने का आग्रह किया गया। उन्होंने पुलिस के आग्रह को स्वीकार किया और गुरदीप को रखने के लिए सहमति जताई।
शुक्रवार को श्री गंगा सभा रजि0 हरिद्वार के सहयोग से एंबुलेंस प्राप्त कर पुलिस कर्मी गुरदीप को लेकर जालंधर जाकर ससम्मान उनको आश्रम पहुंचा आए।

वही गुरदीप को आश्रय मिल जाने की इस मानवीय पहल के लिए हर की पैडी चौकी पुलिस की हर तरफ जमकर सराहना की जा रही है। हरिद्वार पुलिस की इस मानवीय पहल में गँगा सभा के महामंत्री तन्मय वशिष्ठ और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की ब्रांड एंबेसडर मनु शिवपुरी का भी अहम योगदान रहा।

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