हरिद्वार 5 मार्च – गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में होली पर्व हर्षोल्लास और भारतीय संस्कृति की गरिमा के साथ मनाया गया। उत्सव का शुभारंभ प्रात:काल गायत्री परिवार प्रमुख शैल जीजी ने स्वयंसेवकों को अबीर का तिलक लगाकर की, तो वहीं देसंविवि में प्रतिकुलपति डॉ चिन्मय पण्ड्या सहित विवि परिवार ने विद्यार्थियों संग फूलों की होली खेली।
इस अवसर पर शांतिकुंज की अधिष्ठात्री शैल जीजी ने कहा कि होली रंगों का त्योहार के साथ ही मन की दुर्भावनाओं को जलाकर प्रेम और सद्भाव के रंग में रंगने का महापर्व है। जिस प्रकार विभिन्न रंग मिलकर एक सुंदर छवि बनाते हैं, उसी प्रकार हमें भी सभी भेदभाव भूलकर मानवता के कल्याण के लिए एक होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारे सभी परिजन समाज में ज्ञान और कर्मयोग का गुलाल उड़ाएं ताकि मानवता सुन्दर रंगों सी महक उठे। उधर शांतिकुंज के श्रीरामपुरम् स्थित मैदान में होली के हिन्दी, अंग्रेजी, रसिशन सहित विभिन्न भाषाओं में होली के भक्तिमय गीतों की गूंज उठी, जिसने वसुधैव कुटुंबकम् के भाव को जीवंत कर दिया। इस दौरान शांतिकुंज सहित देश के कोने कोने से आये स्वयंसेवकों ने होली का उत्सव मनाया, तो वहीं अमेरिका, इजराइल, रूस, मॉरिशस से आये साधकों ने विभिन्न भक्तिगीत का गायन किया। सभी ने अनुशासन की मिसाल पेश करते हुए शांतिकुंज में शालीनतापूर्वक अबीर-गुलाल के साथ होली खेली गयी।
शांतिकुंज की अधिष्ठात्री शैलजीजी एवं महिला मण्डल की प्रमुख शेफाली पण्ड्या ने महिलाओं के साथ पुष्प वर्षा कर वात्सल्य बिखेरा।

