हरिद्वार – कुम्भ 2021 को लेकर चल रही तैयारियों से नाराज चल रहे बैरागी अखाड़े के संत एक बार फिर से मुखर हुए है। इस बार उन्होंने बुधवार को हरिद्वार आ रहे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से मिल कर ज्ञापन देने की बात कही है।
कुम्भ को लेकर सरकार और मेला प्रशासन की तैयारियों से नाखुश बैरागियों के तीनों अखाड़े लगातार अपनी नाराजगी जाहिर करते चले आ रहे है आज एक बार फिर तीनो अखाड़ो से संतो की बैरागी कैम्प में बैठक हुई जिसमें दिगंबर, अणी अखाड़े के श्रीमहंत धर्मदास ने नाराजगी जताते हुए कहा कि बैरागियों के खालसे आने शुरू हो गए है और अभी तक बैरागियों के छावनी क्षेत्र में कोई व्यवस्थाएं नही है। उन्होंने कहा कि उनके सामान से लधे ट्रक आ गए है और कही टेंटो की व्ययस्था नही है। सरकार और मेला प्राधिकरण जल्द से जल्द व्यवस्थाएं करे। वही निर्वाणी अणी के श्रीमहंत राजेन्द्र दास ने कहा कि मुख्यमंत्री सन्यासियों के अखाड़ो ओर अन्य जगह तो गए है पर उन्होंने बैरागियों से दूरी बनाए रखी है, मुख्यमंत्री को चाहिए कि वे राजधर्म का पालन करते हुए बैरागिओ के संतों से भेंट करें और उनकी व्यथा भी सुने।
गौरतलब है कि कुम्भ मेले के दौरान बैरागी अखाड़ो की सभी व्यवस्था बैरागी कैम्प में होती आयी है। लेकिन इस बार कोरोना और सरकार द्वारा जारी की गई एसओपी के चलते मेले को सीमित किया गया है। हरिद्वार में बैरागी संतो के तीन अखाड़ो की कोई संपत्ति न होने की वजह से प्रशासन द्वारा कोई व्यवस्था न करने से संतो में नाराजगी देखने को मिल रही है।

