हरिद्वार – व्यापारी नेता कैलाश केशवानी का कहना है कि उत्तराखंड में कोरोना का हालात अभी काबू में है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार हरिद्वार कुम्भ में 31 लाख लोग आए और चले गए। यहाँ पचास हजार कोरोना टेस्ट रोजाना किये गए इसलिए अब आवश्यकता है कि सरकार पूरी तरह से सैनिटाइजेशन कराये, कोरोना गाइडलाइंस का पालन कराये, सब ठीक है। वही उन्होंने ये भी कहा कि उत्तराखंड और दिल्ली की भौगोलिक परिस्थितियों में काफी अंतर है। वहाँ ऑक्सिजन नही केवल पोल्यूशन है जबकि यहाँ ऐसा कुछ भी नही है। इसलिए वो उत्तराखंड में लॉक डाउन का समर्थन नही करते।

वही होटल कारोबारी विभाष मिश्रा का कहना है कि दिल्ली में लॉक डाउन लगने से हरिद्वार का व्यापार प्रभावित होगा और सभी को मुश्किलों का सामना भी करना पड़ेगा। लेकिन मानवता के नाते सरकार को व्यापार हित मे निर्णय लेना चाहिए। एक तो हरिद्वार का व्यापारी पहले से ही आर्थिक मंदी की मार झेल रहा है ऊपर से कोरोना का भारी संकट खड़ा हो गया है। उनका कहना केवल यही है कि सरकार कोरोना की रोकथाम के लिए उचित कदम उठाए, लॉक डाउन कोई हल नही है इसलिए व्यापारियों को ध्यान में रखते हुए उचित कदम उठाना चाहिए।

वही ट्रैवल कारोबारी सुमित श्रीकुंज का कहना है कि सरकार को पहले से ही इंतजाम करना चाहिए था। व्यवस्था हो जाती तो ऐसी नौबत नहीं आती। अभी सल्ट विधानसभा चुनाव में जो रैलियां और बैठक में हुई, क्या उनमें भी लोगों की आरटीपीसीआर टेस्ट की नेगेटिव रिपोर्ट मांगी गई। पोलिंग बूथ पर जाने वाले लोगों से आरटीपीसीर रिपोर्ट देखने के बाद पोलिंग की अनुमति की गई। इसलिए लॉक डाउन का वो समर्थन नहीं करते बल्कि सरकार को ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए जिससे कि उत्तराखंड का व्यापार भी चलता रहे और कोरोना भी काबू में रहे। हम सबको मिलकर लड़ना है लेकिन वो लॉक डाउन के समर्थन में बिल्कुल भी नहीं है।

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