हरिद्वार – हरिद्वार में बदहाल पड़े पौराणिक तीर्थ स्थल भीम गोडा का कुम्भ मेले के बजट से सौन्दर्यकरण कराया जा रहा है। भीमगोडा के भीमकुण्ड में गँगा का पानी लाने के लिए यहाँ चोक पड़ी सुरंग की सफाई के लिए 18 करोड़ 33 लाख रुपये खर्च किया गए लेकिन अभी तक भीमकुण्ड में गंगा का पानी नही पहुँच पाया। पानी सड़ने से स्थानीय लोगो मे नाराजगी है। सोमवार को स्थानीय लोगो ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाया और निरीक्षण कर यहाँ गंगा जल लाये जाने की माँग की। निरीक्षण करने आये सिंचाई विभाग के अवर अभियंता को उन्होंने वो स्थान भी दिखाया जहाँ से सीवर का पानी रिसकर भीमकुण्ड में आ रहा है। सीवर के पानी के रिसाव को बंद करने की मांग पर सिंचाई विभाग के अधिकारी ने नगर निगम का अधिकार क्षेत्र होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया। स्थानीय पार्षद कैलाश भट्ट, व्यापारी नेता संजय त्रिवाल और समाजसेवी जेपी बडौनी समेत कई स्थानीय लोगो ने सौन्दर्यकरण के नाम पर बजट को ठिकाने लगाने का आरोप लगाया। व्यापारी नेता संजय त्रिवाल ने कुम्भ मेलाधिकारी से माँग की कि जिस ठेकेदार ने भी भीमगोडा के सौंदर्यीकरण का काम किया है उसका पेमेंट रोका जाए जब तक यहाँ शुद्ध गंगाजल न आ जाये।
ग़ौरतलब है प्राचीन तीर्थ स्थल भीमगोडा महाभारत कालीन है लेकिन यहाँ स्थित भीमकुण्ड में पिछले कई सालों से गंदा पानी सड़ रहा है। कुम्भ मेले के बजट से यहाँ शुद्ध गंगाजल लाने की योजना बनाई गई, काम शुरू होकर खत्म हो गया लेकिन प्रशासन यहाँ गंगाजल अभी तक नही पहुँचा पाया है जिसके चलते स्थानीय लोगो मे आक्रोश बना हुआ है।

