संपादक की कलम से
हरिद्वार – होली, होली का नाम सुनते ही ज़िंदगी मानों रंग बिरंगे रंगों से रंग गई हो। हिंदुओं के प्रमुख त्योहारों में से एक होली, न सिर्फ हिंदुओं के लिए बल्कि सभी धर्मों के लिए खास रहता है, इस अवसर पर हर कोई रंगों से सराबोर नज़र आता है। देश के लोगों के साथ ही विदेशी मेहमानों को भी भारतीय परंपरा और हर्ष उल्लास के इस त्योहार का इंतज़ार रहता है। लेकिन इस बार होली का त्योहार कोरोना जैसी वैश्विक महामारी की वजह से कुछ फीका पर सकता है।
जी हां, कोरोना अब भी देश और दुनियां के लिए बड़ी चुनोती है, पिछले 24 घंटे की बात करें तो कोरोना के 40,715 संक्रमित मिले हैं, हालांकि यह आंकड़े एक दिन पूर्व के आंकड़े से थोड़ा कम जरूर है लेकिन फरवरी महीनें से कोरोना ने फिर रफ्तार पकड़ ली है। देश और दुनिया मे कोरोना का ग्राफ जिस तेजी से बढ़ रहा है, वह लोगों को न सिर्फ डरा रहा है, बल्कि यह भी चिंता सता रहा है कि कहीं दोबारा लॉक डाउन की स्थिति तो नहीं बन जाएगी।
कोरोना के आंकड़े बढ़ने की मुख्य वजह महाराष्ट्र, पंजाब, कर्नाटक, गुजरात और मध्य प्रदेश में कोरोना संक्रमितों की तादाद बढ़ना है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार देश मे कोरोना संकर्मितों के जो नए मामले सामने आए हैं उनमें 80.5 प्रतिशत भागीदारी इन राज्यों की है।
सरकार के तमाम दिशा निर्देशों और गाइडलाइन का सख़्ती से पालन न करवा पाने की वजह से हालात ख़राब हो रहे हैं, राजनीतिक और धार्मिक कार्यक्रम, शादी समारोह, भीड़ भाड़ वाली जगह, पब्लिक ट्रांसपोर्ट में मास्क और सोशल डिस्टेंसिग का पालन न करवा पाना और लोगों में भी कोरोना का डर खत्म होना, संक्रमण बढ़ने की बड़ी वजह है।
कोरोना के आंकड़े जिस तरह से बढ़ रहे हैं, ऐसे में सरकार और प्रशासन होली के त्योहार पर सख्ती कर सकते हैं, क्योंकि हरिद्वार में कुंभ भी चल रहा है और बड़ी तादाद में साधु संतों के साथ ही, पुलिस कर्मियों, प्रशासनिक अधिकारियों और पत्रकारों की मौजूदगी है, ऐसे में सरकार और जिला प्रशासन हर एक कदम फूक फूक रख रहा है। देश मे आंकड़े बढ़ने के साथ ही कुंभ क्षेत्र में कोरोना को लेकर सतर्कता ओर ज्यादा बरती जा रही है, एक तरफ वैक्सिनेशन का काम चल रहा है तो दूसरी तरह टेस्टिंग भी बढ़ा दी गई है, जिला और मेला प्रशासन किसी भी तरीके का रिस्क नहीं उठाना चाहता है, ऐसे में अब देखना होगा की होली को लेकर सरकार और प्रशासन क्या निर्णय लेते हैं।

