हरिद्वार – जिला अस्पताल हरिद्वार की इमरजेंसी कक्ष के इएमओ (इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर) पर एक इंटर्न से छेड़छाड़ का आरोप का मामला सामने आने पर उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ने संज्ञान लिया है।

मामले में आयोग अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने तत्काल सीएमओ हरिद्वार डॉ मनीष दत्त से फोन पर वार्ता करते हुए ईएमओ के विरूद्ध जांच करने व शीघ्र अतिशीघ्र कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया है। सीएमओ डॉ मनीष ने कहा कि मामले में हम भी जांच कर रहे है। जिसपर आयोग अध्यक्ष ने उन्हें मामले में तत्काल कड़ी कार्रवाई के लिए कहा है। कुसुम कण्डवाल ने कहा कि इस प्रकार की घटना का होना अत्यंत निंदनीय है। ऐसे आरोपी से सख्ती से पेश आते हुए उसके विरुद्ध विभाग द्वारा भी कठोर कार्रवाई की जाए।

वहीं महिला आयोग की अध्यक्ष ने एसओ कोतवाली शहर, हरिद्वार से फोन पर वार्ता के क्रम में उन्हें प्रकरण की गम्भीर जांच व कड़ी से कड़ी कार्रवाई के लिये निर्देश दिए है। एसओ ने बताया कि इंटर्न के पिता की ओर से कोतवाली नगर में घटना के संबंध में तहरीर देकर इएमओ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। हमारी टीम तहरीर के आधार पर मामले की जांच में जुट गयी है।

वहीं एसओ ने बताया कि शिकायत में पीड़िता के पिता की ओर से कहा गया हैं कि उसकी बेटी जिला अस्पताल में दिसम्बर 2023 से ट्रेनिंग ले रही है। बुधवार देर शाम करीब 7.30 बजे डॉ. अनस जाहिद जोकि जिला अस्पताल में इएमओ पद पर तैनात है। उसके द्वारा मेरी बेटी को बुलाकर अलग कमरे ड्यूटी रूम में ले जाया गया और भीतर से कमरे का दरवाजा बंद कर लिया। मेरी बेटी ने बताया कि डॉ. अनस जाहिद ने अश्लील हरकत करते हुए जबरदस्ती करने लगा। बेटी के विरोध करने पर डॉ. अनस जाहिद मेरी बेटी को डराया धमकाया। जबकि मेरी बेटी डॉ. अनस जाहिद से अपना बचाव करती रही और कमरे से बाहर जाने की कोशिश करती रही।

जब मेरे द्वारा बेटी को फोन किया गया। तो डॉ. अनस जाहिद को पता चला कि फोन उसके पिता का हैं तो वह घबरा गया और इसी दौरान उसकी बेटी कमरे का दरवाजा खोलकर रोती हुई घर पहुंची और पूरे मामले की जानकारी दी।

जिस पर पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपी चिकित्सक के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर कार्यवाही शुरू कर दी है।