संपादक की कलम से ..
दिल्ली – पूरे देश मे कोरोना संक्रमण बड़ी तेजी से फैलता जा रहा है। कोरोना का ये सेकंड स्ट्रेन इतना खतरनाक है कि बड़ी संख्या में लोगो की मौत हो रही है। अस्पतालों में मरीज़ों के लिये जगह नहीं है। सैकड़ों मरीज़ अस्पतालों के बाहर ही दम तोड़ रहे हैं, यह स्थिति किसी एक राज्य की नहीं बल्कि ज्यादा तर राज्यों में यही हालत हैं। स्थिति को भांपते हुए हरियाणा और ओडिशा सरकार ने लॉक डाउन का निर्णय ले लिया है। हरियाणा में 3 मई और ओडिशा में 5 मई से लॉक डाउन लागू हो जाएगा।
गौरतलब है कि कोरोना की पहली लहर में लॉक डाउन बहुत कारगर साबित हुआ था, दूसरी लहर की वजह से देश मे संक्रमण तेजी से फैल रहा है, तमाम इंतज़ामों और सख्ती के बाद भी स्थिति और खराब होती जा रही है, यही वजह है कि अब लॉक डाउन ही आख़री विकल्प दिखता है। देश के कई विशेषज्ञों और डॉक्टर्स की भी यही राय है, की संक्रमण तोड़ने और हॉस्पिटलों पर दबाव कम करने के लिए लॉक डाउन की आवश्यकता है। देश के कई राज्यों में संक्रमण दर 10 प्रतिशत से ऊपर है तो कई राज्यों व शहरों में तो यह दर 20-30 प्रतिशत तक जा पहुंचा है। कई राज्यों में मौतों का आंकड़ा भी तेजी से बढ़ रहा है। यही वजह है कि अब स्थिति को भांपते हुए दो राज्यो ने तो लॉक डाउन की घोषणा कर दी है। अगर हालात ऐसे ही ख़राब होती रही तो अन्य राज्यों की सरकारों को भी आगे आना पड़ेगा और इस संक्रमण को रोकने और लोगों की ज़िंदगी बचाने के लिए कड़े कदम उठाने पड़ेंगे तभी स्थिति में सुधार हो सकता है।
देश के पाँच राज्यों में विधानसभा चुनाव और यूपी में पंचायत चुनाव के साथ ही हरिद्वार में महाकुंभ की वजह से सरकार कड़े फैसले लेने की स्थिति में नहीं थी। लेकिन अब चुनाव व कुम्भ दोनों ही समाप्त हो गए है। राज्य सरकारें संक्रमण रोकने के लिए कोरोना कर्फ्यू और कड़े नियम तो लागू कर दिया है, लेकिन संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। जिस तरह से रोजाना संक्रमण और इससे होने वाली मौतों के आंकड़े सामने आ रहे है उसे देखते हुए इस भयावह बीमारी को रोकने के लिए सरकार को बड़े और कड़े कदम उठाने ही होंगे।

