हरिद्वार – 3 अगस्त को थाना सिडकुल निवासी टीनू ने द्वारा अपनी गर्भवती पत्नी मीनाक्षी को माँ गंगा मैटरनिटी एण्ड आई केयर अस्पताल में सुबह 10 बजे प्रसव हेतु भर्ती कराया गया था।दोपहर 12 बजे मीनाक्षी की डिलीवरी हुई, परिजनों का कहना है कि डॉक्टरों द्वारा जच्चा व बच्चा दोनों को स्वस्थ बताया गया। किंतु लगभग 4 बजे डॉक्टरों द्वारा मीनाक्षी को खून की कमी होना बताया गया तथा खून चढ़ाया गया। परिजनों का आरोप है कि इसके पश्चात मीनाक्षी की तबीयत बिगड़ने लगी और उसकी मृत्यु हो गई।
इसी प्रकार 3 अगस्त को ही रुड़की क्षेत्र निवासी मोंटी द्वारा सुबह 09:30 बजे अपनी गर्भवती पत्नी खुशबू को डिलीवरी हेतु माँ गंगा मैटरनिटी एण्ड आई केयर अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिवार वालों का आरोप है कि ऑपरेशन के कुछ समय पश्चात खुशबू की भी तबीयत बिगड़ने लगी और उसकी भी मृत्यु हो गई।
पुलिस द्वारा मौक़े पर जाकर परिजनों को शांत कराते हुए उपरोक्त दोनों मृत महिलाओं के शवों को पंचायतनामा हेतु जिला अस्पताल हरिद्वार की मोर्चरी में रखवाया गया है। पंचायतनामा व पोस्टमार्टम आदि की कार्रवाई आज की जाएगी।
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम की उपस्थिति में माँ गंगा मैटरनिटी एण्ड आई केयर अस्पताल को सील कर दिया गया है। दोनों मामलों में अस्पताल के चिकित्सकों व स्टाफ की लापरवाही की जांच की जा रही है। टीनू व मोंटी की तहरीर के आधार पर थाना बहादराबाद में मु0अ0स0 311/25 व 312/25, धारा 106(1) BNS के अंतर्गत माँ गंगा मैटरनिटी एण्ड आई केयर में नियुक्त डॉक्टरों व स्टाफ के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत किया गया है। आगे पूरे मामले की जांच की जा रही है।
