संपादक की कलम से ..

दिल्ली – देश में कोरोना की रफ्तार पिछले कुछ दिनों में सारे रिकॉर्ड तोड़ चुका है। रोज़ाना 3 लाख के पार संक्रमित सामने आ रहे हैं। देश के कई राज्यों में संक्रमण तेज़ी से लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। देश की राजधानी दिल्ली में संक्रमण की दर 36 प्रतिशत से ज्यादा हो चुकी है। तो देश में संक्रमण का दर 19 प्रतिशत को पार कर चुका है।

दिल्ली समेत कई राज्यों में हॉस्पिटलों में बेड, ऑक्सीजन और दवाईयों की भारी किल्लत मरीजों की जान पर भारी पर रहा है। सैकड़ों लोग इलाज़ के अभाव में रोजाना दम तोड़ रहे हैं, पिछले 24 घंटे में 3.32 लाख से ज्यादा संक्रमित मिले हैं तो वहीं 2,263 हज़ार लोग कोरोना से जंग हार गए। रोजाना 3 लाख को पार करते मरीजों का आंकड़ा देश की तमाम स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को ध्वस्त कर चुका है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डॉक्टर्स, ऑक्सीजन सप्लायर और 10 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की। इन 10 राज्यों में न सिर्फ संक्रमितों की संख्या सबसे ज्यादा है, बल्कि इन राज्यों में संक्रमण भी काफी तेजी से फैल रहा है। आपको बता दें कि इन 10 राज्यों दिल्ली, महाराष्ट्र, यूपी, छत्तीसगढ़ समेत सभी राज्य सरकारों ने कोरोना संक्रमण की चैन तोड़ने के लिए कई कड़े फैसले किए हैं। दिल्ली और महाराट्र ने दिन रात का कर्फ्यू लगाया हुआ है, तो बाकी राज्यों ने भी नाईट कर्फ्यू के साथ कई तरह के प्रतिबंध लगाए हुए हैं। लेकिन इसके बावजूद भी संक्रमण नहीं रुक रहा है।

वहीं कोरोना संकट के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए देश के 80 करोड़ लोगों को 5 किलो राशन देने का निर्णय लिया है। सरकार की ओर से यह राहत आम लोगों को मई और जून के महीनें में दी जाएगी।

देश के कई राज्यों में हालात दिन प्रतिदिन खराब हो रहे हैं, हॉस्पिटलों के बाहर मरीजों की लंबी लाईनें लगी है, क्योंकि अस्पतालों में बेड खाली नहीं है, अगर किस्मत वाले मरीजों को अस्पताल में एडमिशन मिल भी गया तो कई मरोज़ों को ऑक्सीजन और दवाईयां भी उपलब्ध नहीं हो पा रही है। दिल्ली, लखनऊ, भोपाल, मुम्बई, कानपुर, अहमदाबाद समेत कई शहरों में हालात बद से बदत्तर होती नज़र आ रही है। कई शहरों के समशान घाटों पर भी लंबी लाईनें इस बात की गवाही दे रही हैं कि देश की स्वास्थ्य सेवाएं कोरोना के आगे बेबस और लाचार हो चुकी है।

हालात जल्दी नियंत्रित नहीं हुआ, संक्रमण का चैन नहीं टूटा तो देश के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो जाएगी। देश में ना सिर्फ कोरोना मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया कराने के लिये स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की जरूरत है, बल्कि आम लोगों को भी सरकार का सहयोग करते हुए कोविड नियमों का पालन करना चाहिए। अगर स्थिति ऐसे ही खराब होती रही तो बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए केंद्र सरकार कोई ठोस और कड़े फैसले भी ले सकती है।

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