हरिद्वार – हरिद्वार कुंभ मेले का पहला शाही स्नान 11 मार्च को महाशिवरात्रि के दिन होना है। मेला प्रशासन और साधु संतों के अखाड़े की ओर से शाही स्नान की तैयारियां जोर शोर से की जा रही है। कुंभ मेले में साधु संतों के अखाड़े जब गंगा स्नान करते हैं तो उसे शाही स्नान कहा जाता है। कुंभ मेले में शाही स्नान एक मुख्य आकर्षण का केंद्र होता है। अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने बताया कि शाही स्नान का एक विशेष क्रम होता है। सबसे पहले शाही स्नान में जूना, अग्नि और आह्वान अखाड़े स्नान करेंगे। उसके बाद निरंजनी और आनंद अखाड़े गंगा में डुबकी लगाएंगे और तीसरे चरण में महानिर्वाणी और अटल अखाड़े गंगा में शाही डुबकी लगायेंगे। पहले स्नान में जूना और अन्य तीन शाही स्नानों में निरंजनी अखाड़ा पहले स्नान करता है। नरेंद्र गिरी ने कहा कि मेला प्रशासन की ओर से हर अखाड़े को स्नान के लिए आधे घंटे का समय दिया गया है। प्रशासन से समय बढ़ाने की अपील की गई है।

