हरिद्वार – गँगा की निर्मलता और अविरलता के लिए काम करने वाली संस्था मातृ सदन के संत ने एक बार फिर से अनशन शुरू कर दिया है। आज से मातृ सदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद के शिष्य ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद अनशन पर बैठ गए। मातृ सदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद महाराज ने कहा कि गँगा स्वच्छता से जुड़े इस बार भी उनकी सरकार से प्रमुख चार माँगे है जिनमे गँगा और उसकी सहायक नदियों और प्रस्तावित सभी परियोजनाओं पर रोक, रायवाला से रायघटी तक खनन पर पूर्ण प्रतिबंध, स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद के गंगा एक्ट और गंगा परिषद का गठन किये जाने की मांग प्रमुख है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र भी लिख दिया है। स्वामी शिवानंद ये भी बताया कि पूर्व में केंद्र सरकार द्वारा उनकी सभी मांगों को मान लिया गया था लेकिन उत्तराखंड सरकार की लापरवाही के कारण अभी तक उनकी एक भी माँग पर विचार नही किया गया। इसलिए सरकार की हठधर्मिता के खिलाफ मातृ सदन एक बार फिर से अनशन की राह पर है। जब तक उनकी मांगे पूरी नही होंगी तक उनका अनशन जारी रहेगा।
गौरतलब है ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद ने पूर्व में भी 194 दिन का अनशन किया था और केंद्र सरकार द्वारा माँगे पूरी करने के आश्वासन के बाद ही उन्होंने अनशन तोड़ा था। आत्मबोधानंद का कहना है कि स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद की मांगो को पूरा करने के लिए उन्होंने अनशन शुरू किया है जब तक उनकी माँगे पूरी नही होंगी तक तक मातृ सदन द्वारा बलिदान देने का सिलसिला जारी रहेगा।

