हरिद्वार – केंद्र सरकार ने मौजूदा श्रम कानूनों में बड़े बदलाव किए हैं। नए वित्त वर्ष से संशोधित श्रम कानून लागू हो जाएंगे। इसके लिए श्रम विभाग औद्योगिक इकाइयों के साथ चर्चा कर नए श्रम कानूनों के बारे में बताने में जुटा है। हरिद्वार स्थित एक होटल में सिडकुल मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन और श्रम विभाग की एक कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में राज्य श्रम आयुक्त दीप्ति सिंह मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंची और कई औद्योगिक इकाइयों के स्वामी और संचालक भी कार्यक्रम में शामिल हुए। श्रम आयुक्त दीप्ति सिंह ने सभी औद्योगिक इकाइयों के संचालकों को नए श्रम कानूनों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 31 मार्च तक नए श्रम कानूनों के संबंध में सुझाव भी मांगे जा रहे हैं। 1 अप्रैल से संशोधित कानून लागू हो जाएंगे। लेबर कमिश्नर ने कहा कि असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए भी भारत सरकार एक सर्वे करने जा रही है। जिसके आधार पर असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के हित के लिए मौजूदा कानूनों में संशोधन किया जाएगा। वही एसएमएयू के पदाधिकारियों ने कहा कि लेबर औद्योगिक क्षेत्र की महत्वपूर्ण कड़ी है। रोजाना सिडकुल में ढाई से तीन लाख लेबर काम करने आती है। लेबर और उद्योगपतियों के कई समस्याएं होती है जिन्हें दूर करने के लिए ही इस कार्यशाला का आयोजन किया गया है। कार्यशाला में लेबर कमिश्नर अपनी टीम के साथ यहाँ आई और उन्होंने श्रम कानूनों पर कई अहम जानकारियां दी है जिनका निश्चित रूप से सभी को लाभ होगा।

