हरिद्वार – हरिद्वार में स्वास्थ्य विभाग द्वारा बड़े स्तर पर वैक्सीनेशन अभियान चलाया गया है। शहर से लेकर देहात तक बड़ी संख्या में लोग वैक्सीन लगवा भी रहे है। लेकिन अभी भी हरिद्वार के ग्रामीण क्षेत्रों में वैक्सीन को लेकर भ्रम बना हुआ है। इसी भ्रम के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के कई लोग डर के मारे वैक्सीन नही लगवा रहे है।
हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में वैक्सीनशन की रफ्तार धीमी है इसलिए कुछ ग्रामीण प्रशासन पर लापरवाही का भी आरोप लगा रहे है। वही कुछ ग्रामीण सोशल मीडिया से भ्रम का शिकार हो गए है। इन भ्रमित युवाओं का कहना है कि वैक्सिन लगवाने से बीमार पड़ रहे है, लोगो को बुखार आ रहा है। वही कुछ युवा तो खुद ही मेडिकल फिटनेस का सर्टिफिकेट लिए कहते मिले की वो पूरी तरह से स्वस्थ है उसकी इम्युनिटी भी मजबूत है फिर वह वैक्सिन क्यों लगवाए।
वही प्रशासन भी ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधा दुरुस्त होने के दावे कर रहा है पर हकीकत कुछ अलग ही है। हरिद्वार एसडीएम गोपाल सिंह चौहान का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में उनके द्वारा लेखपालों, बीडीओ, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के द्वारा पूरी नजर रखी जा रही है। कही भी संदिग्ध लक्षणों की शिकायत मिलने पर वहां तुरंत सैंपलिंग का कार्य किया जा रहा है। वैक्सीनेशन को लेकर प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है। वैक्सीन पूरी सुरक्षित है और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगो को भ्रामक प्रचार प्रसार से बचना चाहिए।
गौरतलब है कि कोरोना को लेकर अभी तक कोई मेडिसिन सौ फीसदी कारगर नहीं है। वर्तमान समय में अगर कोई चीज कारगर है तो वह है वैक्सीन। इसलिए लोग भ्रमित ना हो और अधिक से अधिक लोग वैक्सीन लगवाएं।

